संवाद न्यूज एजेंसी
गढ़मुक्तेश्वर। ऊर्जा निगम के अधिशासी अभियंता कार्यालय में तैनात कंप्यूटर आपरेटर पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं। जांच में सत्यता पाए जाने के बाद विभागीय उच्चाधिकारी द्वारा तत्काल प्रभाव से उसकी सेवा समाप्त कर दी हैं। वहीं, उसके स्थान पर दूसरे कर्मचारी को तैनात करने के आदेश दिए हैं। अधिकारियों की इस कार्रवाई के बाद अन्य कर्मचारियों और अधिकारियों में अफरातफरी का माहौल बना हुआ है।
ऊर्जा निगम के कर्मचारियों और अधिकारियों पर समय-समय पर आम नागरिकों और उपभोक्ताओं द्वारा भ्रष्टाचार के आरोप लगाए जाते है, लेकिन उन आरोपों पर कोई कार्रवाई नहीं हो पाती है, लेकिन इस बार भ्रष्टाचार की शिकायत पर अधिकारियों ने संज्ञान लिया है। दरअसल निगम में ही ठेकेदार दुष्यंत कुमार ने अधिशासी अभियंता कार्यालय में तैनात कंप्यूटर ऑपरेटर रजनीश कुमार पर काम के नाम पर रिश्वत मांगने और भ्रष्टाचार का आरोप लगाया था। इसको लेकर कई बार शिकायत की गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। स्थानीय स्तर पर कार्रवाई न होने पर पीडि़त ने उच्चाधिकारियों से शिकायत की। जिसके बाद टीम गठित कर आरोपों की जांच की गई।
ऊर्जा निगम के एक्सईएन अनुज जायसवाल ने बताया कि अधीक्षण अभियंता एके अग्रवाल के निर्देश पर आउटसोर्स कर्मिक रजनीश कुमार की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई हैं। कार्यदायी संस्था को दूसरे कंप्यूटर ऑपरेटर को भेजने का निर्देश दिया गया है।