कुछ जालसाजों ने मेहनत मजदूरी करने वाली 12 महिलाओं के धोखे से कागजात लेकर उनके नाम पर बैंक से ऋण निकाल लिया। अब बैंक के एजेंट रकम जमा करने के लिए महिलाओं का उत्पीड़न कर रहे हैं। महिलाओं ने मामले में कार्रवाई के लिए थाना देहात में तहरीर दी है। पुलिस पूरे मालमे की जांच कर रही है।
नगर के मोहल्ला शिवचरणपुरा की भाग्यश्री, मोनिका, किशनगंज की रजनी, प्रेमवती, उमा सैनी, दीपा, गीता, अयोध्यापुरी की मुनेश देवी, अहाता सादक अली की नीलम, मीनाक्षी रोड़ की सविता, शीला और नवी करीम निवासी जोया ने थाने में तहरीर देते हुए बताया कि वे सभी मेहनत मजदूरी और घरों में छाझू चौका का काम करती हैं। उनका चंडी रोड निवासी एक महिला व उसकी बहन कर सभी के घर काफी आना-जाना था। इन महिलाओं ने बताया कि उनकी बैंकों में अच्छी जान-पहचान है। वह महिलाओं को समूह लोन दिलाती हैं।
महिलाओं को रुपयों की जरूरत थी, इसलिए सभी ने दोनों बहनों को आधार कार्ड, पेन कार्ड, चेक और फोटो दे दिए। महिलाओं ने उन्हें एक फाइनेंंस बैंक के एजेंटों से भी मिलवाया। एजेंटों ने सभी से बैंक अकाउंट खोलने के फार्म पर हस्ताक्षर या अंगूठा लगवाया। इसके बाद लोन के कागजात पर हस्ताक्षर करवाने के लिए सभी को बैंक बुलाया। बैंक मैनेजर ने बताया कि एजेंट लोन की किस्तें घर-घर जाकर लेंगे। हस्ताक्षर के बाद एजेंटों ने कहा कि लोन पास होते ही उन्हें सूचना दे दी जाएगी। बाद में महिलाओं को बताया कि उनके लोन रिजेक्ट हो चुका है। इसी बीच दोनों बहनों ने शादी में जाने की बात कहकर पीड़ित गीता से उसके सोने के कुंडल भी ले लिए।
महिलाओं ने बताया कि कुछ दिन पहले एजेंट उनके घर आए और लोन की किस्तें मांगीं तो उनके पैरों के नीचे से जमीन खिसक गई। अब एजेंट उनसे ऋण लेने की बात कहकर उत्पीड़न कर रहे हैं। मामले में थाना प्रभारी निरीक्षक नीरज कुमार का कहना है कि मामले की शिकायत प्राप्त हुई है, जिसके आधार पर जांच की जा रही है।