लेदर सिटी योजना के लिए एचपीडीए की ओर से कराया गया भूअर्जन सुप्रीम कोर्ट ने 2011 में रद्द कर दिया था। अब एडीएम गाजियाबाद के निर्देश पर तहसील प्रशासन ने भूमि देने वाले रामपुर आदि गांवों के करीब 250 किसानों से 32 करोड़ के मुआवजे की ब्याज समेत वसूली के लिए आरसी जारी की है।
इससे किसानों में हड़कंप है। हालांकि दो किसानों को हाईकोर्ट से राहत मिल गई है। अब अन्य किसान भी हाईकोर्ट जाने की तैयारी में हैं।
हापुड़-पिलखुवा विकास प्राधिकरण (एचपीडीए) के अधिकारियों ने 2006-07 और 2008 में लेदर सिटी योजना के लिए शासन के निर्देशों पर रामपुर के 240, सबली के 36, इम्टोरी के 30 और चितौली के चार गांवों के 310 किसानों की भूमि का अधिग्रहण किया गया था।
यह कार्रवाई एडीएम एलए गाजियाबाद की ओर से की गई। इसी दौरान यह योजना यूपीएसआईडीसी के हवाले कर दी गई। इस कारण यूपीएसआईडीसी ने इस योजना में भूअर्जन के लिए एचपीडीए के माध्यम से 32 करोड़ रुपये एडीएमएलए गाजियाबाद को दिए, जो किसानों को वितरित किए गए थे।
हालांकि रामपुर के अधिकांश किसानों ने मुआवजा नहीं लिया था। इसलिए एचपीडीए ने शेष रुपया यूपीएसआईडीसी को वापस कर दिया। रामपुर के किसान जय प्रकाश त्यागी और विरंजन त्यागी आदि इस भूअर्जन के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट चले गए।
सुप्रीम कोर्ट ने 2011 में लेदर सिटी के लिए हुए भूअर्जन रद्द कर दिया था। तब से यूपीएसआईडीसी किसानों को वितरित मुआवजा 32 करोड़ रुपये की ब्याज सहित वापसी का दबाव बना रहा है।
एडीएम एलए के निर्देश पर हापुड़ तहसील प्रशासन ने मुआवजा उठाने वाले करीब 250 किसानों की आरसी जारी की है। तहसील प्रशासन किसानों पर ब्याज सहित मुआवजा और आरसी चार्ज 10 प्रतिशत सहित वसूली के लिए दबाव बना रहा है।
एचपीडीए की 17 फरवरी को मेरठ में हुई बोर्ड बैठक में प्राधिकरण के नामित सदस्यों संजय यादव, इमरान राइन और मुकेश जैन ने उक्त मामला उठाया और किसानों को राहत देने की मांग की। इस पर मंडलायुक्त ने डीएम को नरमी बरते जाने के निर्देश भी दिए हैं।
लेदर सिटी योजना में प्रभावित किसान विजय गोयल ने हाईकोर्ट में रिट दायर की थी। विजय गोयल ने बताया कि हाईकोर्ट के दो न्यायाधीशों विनोद कुमार मिश्रा और तरुण अग्रवाल की बेंच ने पांच फरवरी को उनके पक्ष में निर्णय सुनाया।
कहा कि आरसी का 10 प्रतिशत सरचार्ज और ब्याज माफ किया जाए तथा किश्तों में मुआवजा वापस लिया जाए। आदेश की प्रति प्रदेश शासन, डीएम और एडीएमएलए गाजियाबाद को भेजी गई हैं।
इसी तरह रामपुर के जय प्रकाश त्यागी ने बताया कि भंडा पट्टी हापुड़ निवासी राशिद को भी ब्याज और आरसी चार्ज की माफी के साथ ही चार किश्तों में मुआवजा वापस किये जाने का हाईकोर्ट ने आदेश दिया है।
अब अन्य किसान भी हाईकोर्ट जाने की तैयारी कर रहे हैं। उनका दावा है कि एक किसान शफीक को तहसील प्रशासन ने हिरासत में लेकर 10 प्रतिशत सरचार्ज और ब्याज के साथ मुआवजे की वसूली की है जो अन्याय है।
इस चालू वित्तीय वर्ष में लगभग 50 लाख रुपये की वसूली लेदर सिटी के लिए वितरित मुआवजे में से हुई है। जबकि 250 से अधिक किसानों की आरसी जारी की गई है। - दीपक कुमार तहसीलदार, हापुड़