गढ़मुक्तेश्वर। प्रदेश में लागू की जा रही ई-रजिस्ट्री व्यवस्था के विरोध में शनिवार को गढ़ तहसील परिसर में अधिवक्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान अधिकारियों और वकीलों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई।
हापुड़ की एआईजी सुनीता वाजपेयी, हापुड़ रजिस्ट्रार उत्कर्ष शुक्ला और गढ़मुक्तेश्वर रजिस्ट्रार राहुल शर्मा वकीलों को समझाने और काम शुरू कराने के लिए तहसील पहुंचे थे, लेकिन अधिवक्ता उनकी बातों से सहमत नहीं हुए। वकीलों ने तहसील परिसर में हंगामा करते हुए नारेबाजी की और ई-रजिस्ट्री व्यवस्था को वापस लेने की मांग की।
बार अध्यक्ष राजेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि ई-रजिस्ट्री प्रणाली से सिर्फ अधिवक्ता ही नहीं, बल्कि तहसील परिसर और आसपास रजिस्ट्री कार्य से जुड़े सैकड़ों लोगों के रोजगार पर संकट आ जाएगा। सबसे ज्यादा नुकसान दस्तावेज लेखकों को होगा। उन्होंने साफ कहा कि पूरे प्रदेश में अधिवक्ता कार्य बहिष्कार कर रहे हैं। जब तक सरकार यह फैसला वापस नहीं लेती, उप निबंधक कार्यालय में किसी भी दस्तावेज का पंजीकरण नहीं होने दिया जाएगा।
9 दिन से काम ठप, 450 रजिस्ट्री अटकी
रजिस्ट्रार राहुल शर्मा ने बताया कि पिछले 9 दिनों से रजिस्ट्री का काम पूरी तरह ठप पड़ा है। इससे सरकार को करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है। अकेले गढ़ तहसील में ही 450 से अधिक दस्तावेज लंबित हैं। इससे आम लोगों को भी भारी परेशानी हो रही है। बार अध्यक्ष ने दोहराया कि सरकार यदि अधिवक्ताओं और आमजन के हितों को ध्यान में रखकर ई-रजिस्ट्री का फैसला वापस लेती है, तभी आंदोलन खत्म होगा।
प्रदर्शन में सचिव जितेंद्र यादव, रामरतन सिंह, अर्जुन पंडित, आशुतोष रस्तौगी, नवनीत शर्मा, हिमांशु त्यागी, विकास भारद्वाज, मोहित गुप्ता समेत बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे।