गढ़ क्षेत्र में हाईवे किनारे अतिक्रमण कर लगाई गईं मूढ़ों की दुकानें। संवाद
गढ़मुक्तेश्वर। दिल्ली-लखनऊ राष्ट्रीय राजमार्ग-09 पर अतिक्रमण लगातार बढ़ता जा रहा है, लेकिन जिम्मेदार विभाग इसे हटाने में नाकाम साबित हो रहा है। सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद सार्वजनिक स्थलों और हाईवे किनारे किए गए अस्थायी कब्जे लोगों के लिए परेशानी का कारण बने हुए हैं। सड़क किनारे अतिक्रमण के चलते हर समय हादसों की आशंका बनी रहती है। वहीं, बरसात में जलभराव की समस्या भी गंभीर रूप ले रही है।
ब्रजघाट क्षेत्र में हाईवे किनारे मूढ़ों की अस्थायी दुकानें लगी हुई हैं। इन दुकानों पर खरीदारी के लिए आने वाले लोग अपने वाहन सड़क किनारे खड़े कर देते हैं, जिससे यातायात प्रभावित होता है और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। दूसरी ओर स्याना चौपला पर कई दुकानदारों ने नालों और सर्विस रोड के हिस्से पर अवैध कब्जा कर रखा है। इसके चलते बारिश का पानी नालों से निकासी नहीं कर पाता और सर्विस रोड पर जलभराव हो जाता है। लोगों का कहना है कि जलभराव के कारण उन्हें गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ता है। कई बार वाहन चालक पानी भरे गड्ढों का अनुमान नहीं लगा पाते, जिससे दुर्घटनाएं होने की आशंका बनी रहती है। वहीं, हाईवे किनारे संचालित कुछ ढाबों पर भी अतिक्रमण के आरोप लगते रहे हैं, लेकिन प्रभावी कार्रवाई नहीं हो पा रही है।
एनएचएआई परियोजना निदेशक अरविंद कुमार ने बताया कि हाईवे किनारे अतिक्रमण हटाने के लिए समय-समय पर अभियान चलाया जाता है। टीम को मौके पर भेजकर स्थिति का निरीक्षण कराया जाएगा और आगे भी विशेष अभियान चलाकर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।