हापुड़। बहादुरगढ़ थाना क्षेत्र के गांव जखेड़ा रहमतपुर में 31 मार्च को छह वर्षीय मासूम काव्या की जघन्य हत्या के मंजर को अभी भी लोग भुला नहीं पा रहे हैं। एक सप्ताह पहले उसी की मां द्वारा बच्ची के साथ की गई दरिंदगी को सोचकर गांव के लोग सिहर उठते हैं। ग्रामीणों ने बताया कि गुस्सैल मां सुलेखा पहले भी कई बार अपने बच्चों को बेरहमी से पीट चुकी थी, परिवार के लोग उसे समझाकर शांत करते थे।
31 मार्च की देर शाम गांव में एक खंडहरनुमा मकान में काव्या का शव मिला था। पुलिस ने मृतका के घर की बारीकी से जांच की तो पूरा मामला खुल गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक बच्ची के चहरे, गले और पेट पर दरांती से आठ वार किए गए थे। उसकी मौत सिर में भारी वस्तु लगने से बताई गई। हवस में अंधी मां सुलेखा पर क्रूरता इस कदर हावी थी कि उसने हत्या से पहले खूब यातनाएं दी। बच्ची को डंडे से भी पीटा गया। पुलिस के अनुसार शाम करीब साढ़े पांच बजे उसकी हत्या की गई। हत्या के दौरान आरोपी अंकित मकान के बाहर खड़ा होकर रखवाली कर रहा था। बच्ची की आवाज बाहर न जाए, इसके लिए उसे रसोई में ले जाकर उसका मुहं भींचकर हत्या को अंजाम दिया गया। ग्रामीण इस सच्चाई का खुलासा होने पर भी सकते में हैं कि सुलेखा के उसके सगे भतीजे के साथ करीब सात माह से संबंध थे और यही संबंध काव्या की मौत का कारण बने। फिलहाल दोनों आरोपी जेल में हैं, लेकिन ग्रामीण अभी भी सकते में।
ग्रामीणों ने बताया कि सुलेखा की प्रवृति पहले से ही सही नहीं थी। वह छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा करने लगती थी। सुलेखा के एक बेटा और एक बेटी काव्या था। बच्चों छोटी मोटी गलती होती थी तो सुलेखा बच्चों पर टूट पड़ती थी। बच्चे चिल्लाकर मदद मांगते थे, बीच बचाव करने वालों को भी सुलेखा खूब खरी-खरी सुनाती थी। अब काव्या को याद कर गांव के लोग दोनों आरोपियों की सही सजा की दुआ कर रहे हैं।