हापुड़। राज्य कर विभाग में पंजीकृत एक ओर बोगस फर्म का खुलासा हुआ है। पांच वर्ष पूर्व पिलखुवा क्षेत्र में पंजीकृत फर्म ने एक साल में ही विभाग को 1़.33 करोड़ रुपये का आईटीसी (इनपुट टैक्स क्रेडिट) ले लिया, जबकि भौतिक सत्यापन में फर्म अस्तित्वहीन पाई कर। राज्य कर विभाग के सहायक आयुक्त जयप्रकाश ने फर्म संचालक के खिलाफ पिलखुवा कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया है।
राज्य कर विभाग खंड चार के सहायक आयुक्त जयप्रकाश ने बताया कि गौतमबुद्धनगर के बबूचा, दनकौर निवासी रहमत खान ने नौ जुलाई को 2020 में आरके ट्रेडिंग कंपनी फर्म के नाम से जीएसटी पंजीयन के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था। इसमें पिलुखवा के फरीदनगर मोड निवासी जाशू अहमद से 11 माह के लिए 2500 रुपये प्रतिमाह के हिसाब से किरायानामा और बिजली बिल प्रस्तुत किया गया था।
फर्म ने वर्ष 2020-21 में बोगस फर्मों से इनवॉइस लेकर बिना वास्तविक खरीद-बिक्री के आईटीसी क्लेम लिया था, जबकि भौतिक सत्यापन में फर्म अस्तित्वहीन पाई गई। फर्म द्वारा 66 लाख 94 हजार 639 रुपये का कर और इतना ही अर्थदंड मिलाकर एक करोड़ 33 लाख 89 हजार 278 रुपये का घोटाला सामने आया। जिसके बाद अब फर्म संचालक के खिलाफ कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया गया है।