डीएम अनिल ढींगरा समेत जिले के 28 प्रशासनिक व शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने 139 परिषदीय स्कूलों का औचक निरीक्षण किया। अचानक डीएम के इस कदम से शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया। डीएम ने पिलखुवा क्षेत्र जबकि सीडीओ व एसडीएम ने हापुड़ और गढ़ के स्कूलों में छापेमारी की।
कई स्कूलों में मिड डे मील में गड़बड़ी मिलीं। इस दौरान गड़बड़ी मिलने पर डीएम ने एक स्कूल के पूरे स्टाफ को निलंबित कर दिया है। सोमवार को शासन के आदेशों पर प्रशासनिक व शिक्षा विभाग के अधिकारियों की कई टीम ने जिले भर के 139 परिषदीय तथा सरकार से सहायता प्राप्त स्कूलों में छापेमारी की।
डीएम ने पिलखुवा क्षेत्र के लाखन और खेड़ा गांवों में औचक निरीक्षण किया। सीडीओ कुणाल सिल्कू ने अच्छेजा व श्यामनगर स्थित स्कूलों का निरीक्षण किया। इसके अलावा उपजिलाधिकारी मीनू राणा ने गांव मुर्शदपुर, मोरपुर व हृदयपुर के स्कूलों का निरीक्षण किया।
मुर्शदपुर में मिड डे मील के वितरण में गड़बड़ी पाई गई। शिक्षा के गुणवत्ता का आलम यह रहा कि पांचवीं के बच्चे जोड़ घटाव के सवालों का भी जवाब नहीं दे पाए।
जिसपर एसडीएम ने प्रधान व स्कूल के प्रधानाध्यापक के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। मोरपुर व हृदयपुर में खाद्यान का स्टाक प्रधानों के घर रखा हुआ था जिसे स्कूलों में रखवाने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने सोमवार देर शाम जानकारी दी कि कुल 139 स्कूलों में निरीक्षण किया गया। 16 स्कूलों में मैन्यू के अनुसार मिड डे मील नहीं बन रहा था। 12 प्रधानों के घर पर भोजन बनते पाए जाने पर प्रधानों तथा प्रधानाध्यपकों को नोटिस जारी किए गए।
गढ़ तहसील के लहढेरा गांव का स्कूल 9 बजे तक नहीं खुला था। इसलिए वहां के अध्यापकों को निलंबित कर दिया गया है। शुकलमपुरा के स्कूल में कोई छात्र ही नहीं मिला। इसलिए वहां के अध्यापकों का एक दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए गए।
प्राथमिक विद्यालय भदस्याना में 11 प्रतिशत बच्चे उपस्थित मिले। वहां के अध्यापकों को नोटिस जारी किया जा रहा है।
जिलाधिकारी अनिल ढींगरा ने सोमवार दोपहर गांव खेड़ा और लाखन के प्राथमिक विद्यालय का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने मिड डे मील की गुुणवत्ता को जांचा और शिक्षकों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। सोमवार दोपहर डीएम टीम के साथ गांव खेड़ा के प्राथमिक विद्यालय नंबर वन में पहुंचे।
यहां उन्होंने मिड डे मील की गुुणवत्ता के संबंध में बच्चों से जानकारी ली। डीएम ने शिक्षकों को परिसर में साफ-सफाई कराने के निर्देश दिए। इसके बाद वह टीम के साथ लाखन के सरकारी विद्यालय में पहुंचे। यहां भी उन्होंने मिड डे मील के संबंध में बच्चों से और शिक्षकों से जानकारी ली।
निरीक्षण के दौरान क्षेत्र में हड़कंप मचा रहा। स्कूलों के शिक्षक भी एक दूसरे से यह जानकारी करने में लगे रहे कि डीएम कौन से स्कूल की तरफ जा रहे हैं।