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आईजीआरएस : शिकायतों में गड़बड़झाला, दोबारा होगी जांच

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संवाद न्यूज एजेंसी
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हापुड़। एकीकृत शिकायत निवारण प्रणाली (आईजीआरएस) पर शासन स्तर से जांचों में बड़ा गड़बड़झाला मिला है। इसे देखते हुए शासन ने अन्य जिलों के साथ हापुड़ जिले में भी पिछले एक साल में आईं 4164 शिकायतों की दोबारा जांच के आदेश दिए हैं।
मुख्य सचिव एसपी गोयल ने डीएम को पत्र लिखकर 30 जून तक सभी मामलों का निस्तारण करने को कहा है। तीनों तहसीलों की जिम्मेदारी तीनों एसडीएम को दी गई है। आईजीआरएस पर जिलेभर से वर्ष 2018 से अब तक 4164 मामले दर्ज कराए गए हैं। इसमें 4163 मामलों का निस्तारण पोर्टल पर दिखा दिया गया है जबकि एक मामला अभी लंबित है।
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जिनमें हापुड़ तहसील में 1667, धौलाना में 1478, गढ़ में 1019 शिकायतें शामिल हैं लेकिन पिछले एक साल में निस्तारित शिकायतों के संबंध में पीड़ितों के फीडबैक पर शासन ने संज्ञान लिया तो अधिकतर मामले फर्जी निस्तारित पाए गए। शिकायतों का केवल कागजों में ही निस्तारण कर दिया गया। ऐसे में सरकार की इस प्रणाली पर सवालिया निशान उठने लगे। इसके बाद शासन ने बीते एक साल में आईं महत्वपूर्ण शिकायतों की पुन: जांच कराने के आदेश संबंधित विभागों के अधिकारियों को दिए हैं।
डीएम को उपलब्ध कराया गया एआई टूल : अब कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) व अन्य तकनीकी टूल्स की मदद से शिकायतों के निस्तारण की हकीकत परखी जाएगी। खुद संबंधित तहसील के एसडीएम इन प्रकरणों की जांच करेंगे। इसी आधार पर लेखपाल, कानूनगो, तहसीलदार, एसडीएम की ग्रेडिंग तय कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
शासन स्तर से इसके लिए जिला प्रशासन को एआई टूल भी उपलब्ध कराया गया है। डीएम ने अफसरों को भी चेताया है कि अभियान के दौरान लापरवाही सामने आने पर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। ऐसे में इन प्रकरणों की जांच गंभीरता के साथ जाए।
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भूमि से जुड़े मामलों में सबसे अधिक गड़बड़ी : अधिकारियों के अनुसार हापुड़ जिले की शिकायतों में सबसे अधिक जमीनों के मामलों में गड़बड़ मिली है। इनमें रास्ते, चकरोड, चकबंदी में वरासत, नाली पर कब्जे संबंधी विवाद, पट्टे की भूमि और तालाब पर कब्जे की शिकायत, आबादी की भूमि से जुड़े प्रकरण, भू-माफिया का कब्जा, भूमि के अतिक्रमण या कब्जे के प्रकरण, सरकारी भूमियों पर कब्जे जैसे मामले शामिल हैं।
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