होली में अब कुछ दिन शेष रह गए है, ऐसे में घरों में त्योहार की तैयारियां जोर पकड़ने लगी हैं। चिप्स पापड़ नमकीन व गुझिया बनने लगे हैं। वहीं, बाजार भी गुलजार हो गए हैं। बाजार में तरह-तरह की पिचकारियां बिकनी शुरू हो गई हैं।
साथ ही इस बार होली में युवा रंगों के चयन को लेकर विशेष सतर्कता बरत रहे हैं। बुधवार को रंग एकादशी के साथ ही फिजा में रंग भी उड़ने लगेंगे। साथ ही होली का हुड़दंग शुरू हो जाएगा। इस बार बाजार चाइनीज पिचकारियों से भरा हुआ है।
गुप्ता पिचकारी हाउस के मालिक दुष्यंत ने बताया कि बाजार में बेनटेन, डोरीमॉन व छोटा भीम के साथ मोदी पिचकारी की धूम है। मोदी पिचकारी की बाजार में काफी डिमांड है। इसके अलाव गुलाल बम लोगों को खासे पसंद आ रहे हैं।
नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. दुष्यंत बंसल ने बताया कि होली पर हर्बल रंग का प्रयोग करें। मिलावटी व रासायनिक रंगों के प्रयोग से बचें। ये रंग आंखों की पुतली में जख्म बना देते हैं। इससे आंखों की रोशनी कम हो सकती है। सावधानी नहीं बरतने पर आंखों की रोशनी भी जा सकती है।
गुब्बारों की सिर पर मार भी खतरनाक होती है। त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. एसके गुप्ता ने बताया कि रासायनिक रंगों से त्वचा में जलन हो सकती है। स्किन पर लाल दाने पड़ सकते हैं। इसके अलावा एलर्जी, स्किन कैंसर, बालों आदि पर असर पड़ता है।
हरे रंग में कापर सल्फेट, काले रंग मे लेड आक्साइड, सिल्वर में एल्युमीनियम ब्रामाइड, लाल रंग में मरकरी सल्फेट पाया जाता है। जो काफी खतरनाक है।