पुलिस के अनुसार गांव नूरपुर निवासी राममेहर सिंह अपनी पत्नी शकुंतला, पुत्रवधू गीता व पौत्र हिमांशु के साथ गांव में रहते थे। उनका बड़ा पुत्र प्रवीण अपने परिवार के साथ मुरादाबाद में रहता है और वहीं नौकरी करता है। दूसरे नंबर का पुत्र विनोद नोएडा में ठेकेदारी का कार्य करता था, जिसकी करीब 25 साल पहले हत्या कर दी गई थी। उसकी पत्नी गीता व पौत्र हिमांशु परिवार के साथ अब गांव में ही रहते हैं। जबकि उनका सबसे छोटा पुत्र अजीत थाना बाबूगढ़ थाने का हिस्ट्रीशीटर बदमाश और अविवाहित है। पुलिस के अनुसार राममेहर की गांव में ही 17 बीघा जमीन है, जिस पर अजीत ही खेती करता आ रहा था।
पुलिस के अनुसार किसी कारण से राममेहर ने अपनी जमीन को हाल ही में गांव के ही एक किसान को ठेके पर दे दिया था, इससे अजीत अपने पिता से नाराज था। शुक्रवार की शाम अजीत शराब के नशे में था। इसी दौरान इसी बात को लेकर दोनों में विवाद हो गया। विवाद इतना बढ़ा कि अजीत ने तमंचे से अपने पिता में एक के बाद एक दो गोली मार दी। इससे उनकी मौके पर मौत हो गई। इसके बाद अजीत मौके से फरार हो गया।
शराब पीकर घर पहुंचे अजीत ने पिता से किया था झगड़ा
सीओ जितेंद्र कुमार शर्मा ने बताया कि बृहस्पतिवार की शाम को अजीत शराब पीकर घर पहुंचा था। इस दौरान घर में पिता राममेहर सिंह, उनकी पत्नी शकुंतला, पुत्रवधू गीता व पौत्र हिमांशु मौजूद था। अजीत ने जमीन किसान को ठेके पर देने की बात करते हुए अपने पिता से विवाद करना शुरू कर दिया। इसके बाद उसने घटना को अंजाम दिया। परिजनों ने ग्रामीणों की मदद से राममेहर को अस्पताल में भर्ती कराया। जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
गोलियों की आवाज सुनकर पुत्रवधू व पौत्र अंदर से कमरे के बाहर आए
पुलिस की पूछताछ में परिजनों ने बताया कि जब अजीत अपने पिता को गोली मार रहा था तब पुत्रवधू गीता व पौत्र हिमांशु कमरे में थे। गोलियों की आवाज सुनकर गीता व हिमांशु अंदर से बाहर भागे। इस दौरान अजीत के हाथ में तमंचा देख वह घबरा गए थे। इसके बाद अजीत यहां से फरार हो गया। सीओ ने बताया कि आरोपी के खिलाफ हापुड़, बुलंदशहर और मुजफ्फरनगर के थानों में हत्या, हत्या के प्रयास समेत कई मुकदमे दर्ज हैं। आरोपी की तलाश की जा रही है। तहरीर प्राप्त होने के बाद आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।