मोदीनगर में मोतियाबिंद के ऑपरेशन के बाद एक-एक आंख गंवा चुके मरीज स्वास्थ्य अफसरों की बेरुखी से परेशान हैं। अफसर मरीजों की ओर से लिखित शिकायत न मिलने की बात कह रहे हैं।
उधर, बिना शिकायत ही स्वर्ग आश्रम रोड स्थित अस्पताल पर कार्रवाई हो गई। वहीं आंखों में इंफेक्शन और दर्द बढ़ने से मरीजों की परेशानी दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। बता दें कि ऑपरेशन कराने वाली हापुड़ की जगवती की एक आंख इंफेक्शन के कारण सोमवार को दिल्ली के एम्स में निकालनी पड़ी थी।
ज्ञात हो कि पांच नवंबर को हापुड़ के सात, मोदीनगर और संभल के एक-एक मरीज का मोदीनगर के एक चैरिटेबल अस्पताल में मोतियाबिंद का ऑपरेशन किया गया था।
ऑपरेशन के बाद इन मरीजों की एक-एक आंख की रोशनी चली गई थी। साथ ही आंख में जबरदस्त इंफेक्शन फैलने से हापुड़ की जगवती की एक आंख दिल्ली एम्स के चिकित्सकों को निकालनी पड़ी थी।
बाकी मरीज आंखों में इंफेक्शन और दर्द से तड़प रहे हैं। एक माह बाद भी स्थानीय स्वास्थ्य विभाग के अफसर मरीजों के घर तक नहीं पहुंचे हैं, जबकि आंख गंवाने वालों में हापुड़ के सात लोग हैं।
वे इलाज के लिए स्वास्थ्य विभाग की बांट देख रहे हैं। मामले में सीएमओ ने स्वर्ग आश्रम रोड के संबंधित अस्पताल पर कार्रवाई कर दी है, लेकिन अब अफसर मरीजों की ओर से शिकायत मिलने की बात कह रहे हैं।
आंख गंवाने वाले मरीजों ने कोई शिकायत नहीं की है। ऐसे में मरीजों की कोई सहायता नहीं की जा सकती है। - डा. सुभाष चंद गुप्ता, सीएमओ, हापुड़
नौ लोगों की आंख की रोशनी जाने का मामला प्रदेश के कैबिनेट मंत्री एवं सपा के प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी के समक्ष बुधवार को उठाया गया। मंत्री ने पीड़ितों के बेहतर इलाज और मामले की जांच कराने की बात कही है।