सप्ताह में दो दिन फैक्टरी बंद होने से 30 प्रतिशत घटेगा उत्पादन
पिलखुवा। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा सप्ताह में पांच दिन फैक्टरियों के संचालन के आदेश से उत्पादन पर असर पड़ेगा। उद्यमियों का कहना है कि इस आदेश से एक महीने में लगभग 30 प्रतिशत उत्पादन कम हो जाएगा। इससे श्रमिकों के सामने भी रोजी रोटी का संकट पैदा होगा। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आदेशानुसार एनसीआर क्षेत्र की फैक्टरियों का संचालन अब सप्ताह में पांच दिन होगा वहीं दिन में आठ घंटे से ज्यादा काम नहीं होगा। यह आदेश बिना पीएनजी गैस से संचालित होने वाली फैक्टरियों पर लागू होगा। इस आदेश से उद्यमियों के सामने आर्डर को पूरा करने की दिक्कत हो गई है।
धौलाना तहसील क्षेत्र में करीब दस हजार छोटी और बड़ी फैक्टरियां है। पीएनजी गैस की बेहतर सुविधा नहीं होने के कारण अधिकांश फैक्टरियां का संचालन अन्य तरीकों से किया जाता है। जिसके चलते प्रदूषण की समस्या उत्पन्न हो गई है। ऐसे में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आदेश ने फैक्टरी संचालकों के सामने समस्या खड़ी कर दी है। उद्यमियों का कहना है कि उत्पादन कम होने से लागत बढ़ेगी और समय पर आर्डर का माल तैयार नहीं हो पाएगा।
बंद हो जाएंगे उद्योग
उद्यमी अभी तक कोरोना महामारी के संकट से उबर नहीं पाए हैं। ऐसे में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के इस आदेश से उद्योग बंदी के कगार पर पहुंच जाएंगे। सप्ताह में पांच दिन और रोज आठ घंटा फैक्टरी के संचालन से आर्डर भी पूरे नहीं हो पाएंगे। - विजय खंडेलवाल, अध्यक्ष, पिलखुवा टेक्सटाइल सेंटर एसोसिएशन
फैक्टरियों में सभी मानक पूरे
फैक्टरियों के संचालन में सभी मानक पूरे किए जा रहे हैं। कॉटन संबंधी फैक्टरियों को सबसे अधिक परेशानी होगी। इस फैक्टरियों में कटान का एक लाट निकालने में 12 घंटे का समय लगता है। ऐसे में काम करना काफी मुश्किल हो जाएगा। - अशोक सिंघल, चादर फैक्टरी संचालक।
ऐसे तो बढ़ जाएगी बेरोजगारी
सरकार बेरोजगारी समाप्त करने के लिए फैक्टरी लगाने पर जोर दे रही हैं। लेकिन बोर्ड के इस आदेश से बेरोजगारी कम होने के स्थान पर बढ़ेगी। उद्यमियों के सामने आर्थिक संकट उत्पन्न होगा। प्रदूषण बोर्ड का यह आदेश उद्योगों के विपरीत हैं। - विकास शर्मा, संरक्षक पिलखुवा टेक्सटाइल सेंटर एसोसिएशन
नियमों का करना होगा पालन
प्रदूषण को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। एनसीआर प्लानिंग कमिशन के आदेश का पालन कराने के लिए कई टीमों का गठन किया गया है जो औद्योगिक क्षेत्रों में जाकर जांच कर रही है और अगर कोई फैक्टरी नियम विरुद्ध चलती हुई पाई गई तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उत्सव शर्मा, क्षेत्रीय अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड