डंपिंग ग्राउंड मामला - कूड़ा डालने के विरोध में ग्रामीणों पर केस
पिलखुवा। गालंद डंपिंग ग्राउंड का मामला गरमाता जा रहा है। इसी क्रम में मंगलवार को गाजियाबाद नगर निगम के अवर अभियंता योगेश कुमार द्वारा आठ से दस अज्ञात ग्रामीणों के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने, मारपीट करने और जान से मारने की धमकी देने के आरोप थाने पर रिपोर्ट दर्ज कराई है। अवर अभियंता का आरोप है कि गत 28 अक्तूबर को वह मजदूरों के साथ निगम द्वारा चिन्हित जमीन की बाउंड्रीवॉल कराने को गए थे, जहां पर डंपिंग ग्राउंड के विरोध में धरनारत लोगों ने उनके साथ गालीगलौज कर मारपीट करने का प्रयास किया गया, सरकारी कार्य को रोकते हुए जान से मारने की धमकी दी। कोतवाली पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर मामले में ग्रामीणों की पहचान करनी शुरू कर दी है। वहीं दूसरी ओर डंपिंग ग्राउंड के विरोध में मंगलवार को भी 31वें दिन कई गांवों का धरना जारी रहा।
गाजियाबाद नगर निगम द्वारा गालंद गांव में मसूरी नहर पटरी किनारे कई साल पूर्व खरीदी 44.25 एकड़ जमीन पर डंपिंग ग्राउंड बनाना चाहता है। इसका गालंद, खिचरा, खेड़ा, लाखन, छिजारसी, पिपलेड़ा समेत कई गांवों के ग्रामीण विरोध कर रहे हैं। इसी विरोध के कारण कई गांवों के ग्रामीण तीन अक्तूबर से धरने पर बैठे हैं। इस बाबत ग्रामीण जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से वहां पर डंपिंग ग्राउंड नहीं बनाने की मांग कर चुके हैं। पिछले दिनों डीएम गाजियाबाद एवं हापुड़ और निगम के नगर आयुक्त ने ग्रामीणों के साथ बैठक कर सहमति बनाने का प्रयास किया था, लेकिन विफल रहा। इसी क्रम में 28 अक्तूबर को निगम के अधिकारी एवं मजदूर चिन्हित जमीन की बाउंड्रीवॉल कराने के लिए पहुंचे थे, जिनका ग्रामीणों ने विरोध किया था। ग्रामीणों के विरोध करने की सूचना पाकर एसडीएम धौलाना सुनीता सिंह एवं पुलिस पिलखुवा डॉ. तेजवीर सिंह भी मौके पर पहुंचे थे और किसी तरह ग्रामीणों को समझा बुझाकर शांत कराया था।
--
गाजियाबाद नगर निगम के अवर अभियंता योगेश कुमार की तरफ से अज्ञात आठ से दस ग्रामीणों के खिलाफ सरकारी कार्य में बांधा डालने, मारपीट करने और जान से मारने की धमकी देने की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई है। पुलिस लोगों को चिन्हित करने में जुटी है। - डॉ. तेजवीर सिंह, सीओ पिलखुवा।
--
अवर अभियंता द्वारा मनगढ़ंत आरोप लगाए गए हैं। रिपोर्ट दर्ज कराकर निगम ग्रामीणों के आंदोलन को तोड़ने का प्रयास कर रहा है। डंपिंग ग्राउंड उनके स्वास्थ्य से जुड़ा है इसीलिए किसी भी कीमत पर इसे स्थापित नहीं होने दिया जाएगा। रिपोर्ट दर्ज कर मामला गठित संघर्ष समिति के समक्ष रखा जाएगा। समिति के निर्णय के बाद ही आगामी कार्रवाई की जाएगी। आठ नवंबर को होने वाली महापंचायत की तैयारी की जा रही है। - संजय कोरी, ग्रामप्रधान गालंद।