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फर्जी क्रिकेट लीग बनाकर सट्टा लगाने वाले गिरोह का भंडाफोड़

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देहात थाना पुलिस द्वारा पकडे गये सट्टा लगाने वाले आरोपीयो से बरामद हुआ सामान । संवाद - फोटो : HAPUR
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फर्जी क्रिकेट लीग बनाकर सट्टा लगाने वाले गिरोह का भंडाफोड़
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हापुड़। रूस में बैठे मास्टर माइंड क्षेत्र में क्रिकेट मैचों की फर्जी 20-20 लीग कराकर लाखों का सट्टा लगवा रहे थे। क्रिकेट एप के माध्यम से फर्जी मैचों का लाइव प्रसारण कराया जाता था। इसमें क्रिकेट टीम, खिलाड़ी से लेकर सब कुछ फर्जी था। रणजी और राज्य स्तरीय खिलाड़ियों के नाम से क्षेत्रीय खिलाड़ियों को ख्रिलाया जाता जाता था। प्रदेशों की टीम के नाम पर सट्टा लगाने वालों को भ्रमित किया जाता था और अपने हिसाब से मैच जिताए और हराए जाते थे। देहात थाना पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार कर विदेशी करेंसी बरामद की है।
एसपी दीपक भूकर ने बताया कि पुलिस को इस प्रकार की क्रिकेट लीग की सूचना मिली थी, जिस पर देहात पुलिस ने जिला मेरठ के थाना किला परीक्षितगढ़ क्षेत्र के गांव खजूरी निवासी शिताब उर्फ शब्बू और मध्य प्रदेश के जिला ग्वालियर के थाना जीवाजी यूनिवर्सिटी क्षेत्र के सिटी सेंटर, तुलसी विहार निवासी ऋषभ को गिरफ्तार किया था।
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पूछताछ में इन लोगों ने बताया कि गिरोह के मुखिया अशोक चौधरी और आसिफ मोहम्मद हैं, जो वर्तमान में रूस में रहते हैं और इन्हीं के प्लान पर इन दोनों ने फर्जी आईपीएल लीग बनाई। यूट्यूब चैनल बिग बैस-20 पंजाब लीग पर मैचों का फर्जी प्रसारण होता था। लाइव स्क ोर दिखाने के लिए क्रिक हिरोज बैटिंग एप का प्रयोग किया जाता था। इंटरनेट के माध्यम से सटोरियों को फंसाया जाता था।
खिलाड़ी से लेकर मैदान तक सब फर्जी
एसपी ने बताया कि मैच कराने की जिम्मेदारी शिब्बू की होती थी। मास्टर माइंड अशोक इसके लिए उसे 30 से 40 हजार रुपये देता था। ऋषभ का काम मैदान की तलाश करना और खिलाड़ियों का इंतजाम करना होता था। इसके लिए उसे 40 हजार रुपये मिले थे। लोकल खिलाड़ियों को रुपया देकर किसी लोकल ग्राउंड पर मैच खिलाया जाता था। बड़ी बात है कि खिलाड़ियों के नाम राज्यस्तर के होते थे, उन्हें इन्हीं नामों से खिलाया जाता था। यहां हो रहे मैच को पंजाब या दूसरे राज्यों में बताकर भ्रमित किया जाता था। सट्टे के रुपयों का लेनदेन बैंक खातों, वॉलेट व हवाला के जरिए होता था। मुनाफे के हिसाब से मैच को जिताया या हराया जाता था।
आरोपियों के कब्जे से ये हुआ बरामद-
आरोपियों के पास से पुलिस ने 15150 रुपये, 7800 रुपये की श्रीलंकाई मुद्रा, तीन सीपीयू, एक यूपीएस, दो एक्सटेंशन बोर्ड, एक एलईडी मॉनीटर, दो स्टैंड, दो कैमरे, एक की-बोर्ड, दो माउस, एक वाई-फाई मोडम, तीन एसी डीसी एडप्टर, दो एचडीएमआई केडब्लूएम एक्सटेंडर, मॉनीटर केबल, छह मोबाइल फोन, वोटर कार्ड, पेन कार्ड, आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, मेट्रों कार्ड, राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण कार्ड और दो एटीएम कार्ड बरामद किए हैं।
मेरठ बाईपास स्थित मैदान से आरोपी किए गिरफ्तार
पुलिस ने दोनों आरोपियों को थाना देहात क्षेत्र के मेरठ बाईपास के निकट एक मैदान से गिरफ्तार किया है। यह मैदान को किराए पर लिया गया था। इस मैदान पर फ्लड लाइट भी लगाई गई थीं। देखने में यह मैदान ठीक ठाक लगता था। इसके अलावा आसपास के लोगों को बुलाकर भीड़ दिखाने का भी प्रयास किया जाता था। आसिफ मोहम्मद इन सबका उस्ताद है। उसने ही क्रिकेट सट्टेबाजी की बारीकियां सिखाईं हैं। इससे पहले मेरठ जिले के एक स्कूल में मैच कराते थे अब उन्होंने हापुड़ के आसपास यह मैदान चुना था। जबकि दूसरे मैदान तैयार करने की भी तैयारी थी।
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श्रीलंका, पाकिस्तान समेत कई देशों से है संपर्क
आईपीएल टीम की तर्ज पर फर्जी मैच खिलवाने का यह धंधा कई माह से चल रहा। आरोपी पंजाब, मेरठ और हापुड़ समेत अलग-अलग स्थानों पर मैच खिलवाते थे। आरोपियों के तार विदेशों से भी जुड़े हैं। जांच में सामने आया है कि लीग में अधिक से अधिक लोगों को शामिल किया जा सके इसके लिए इनके संपर्क श्रीलंका और पाकिस्तान और दूसरे देशों के लोगों से भी हैं। आरोपी शिब्बू श्रीलंका घूमकर भी आ चुका है। एसपी ने बताया कि फिलहाल दो लोगों को गिरफ्तार कर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। इस धंधे से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है।

देहात थाना पुलिस द्वारा पकडे गये सट्टा लगाने वाले आरोपी। संवाद- फोटो : HAPUR

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