न्यायालय के लिए 13 को पैदल मार्च और 16 को गिरफ्तारी देंगे वकील
हापुड़। जनपद में न्यायालय के नवनिर्माण के लिए अधिवक्ताओं ने आंदोलन की रूपरेखा तैयार कर ली है। शासन द्वारा जल्द धनराशि आवंटित न करने पर अधिवक्ता 13 को विधायक आवास तक पैदल मार्च करेंगे और 16 को कोतवाली जाकर गिरफ्तारी भी देंगे। हालांकि शुक्रवार को अधिवक्ताओं का एक प्रतिनिधिमंडल डीएम से मिला, जहां उन्होंने मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा। वहीं डीएम ने जल्द ही समस्या के निस्तारण का आश्वासन दिया।
हापुड़ बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अजीत सिंह चौधरी व सचिव रविंद्र सिंह निमेष ने बताया कि हापुड़ पिलखुवा विकास प्राधिकरण द्वारा न्यायालय निर्माण के लिए भूमि चिन्हित किए काफी समय हो चुका है। लेकिन शासन द्वारा न्यायालय निर्माण को लेकर धनराशि का आवंटन नहीं किया है। वहीं कहचरी में पेयजल, शौचालय व सफाई व्यवस्था दुरुस्त नहीं है। डीएम मेधा रूपम ने कहा कि न्यायालय के नव निर्माण को लेकर शासन से बराबर पत्राचार किया जा रहा है वहीं धनराशि के आवंटन के लिए उच्च अधिकारियों से वार्ता भी चल रही है। उक्त समस्या का शीघ्र निस्तारण हो जाएगा।
अधिवक्ताओं ने दी आंदोलन की चेतावनी -
एसोसिएशन के सचिव रविंद्र सिंह निमेष ने बताया कि डीएम से वार्ता के बाद अधिवक्ताओं की एक बैठक हुई। जिसमें निर्णय लिया गया कि यदि न्यायालय के नव निर्माण को लेकर शीघ्र धनराशि आवंटित नहीं की जाती है तो अधिवक्ता 13 जुलाई को पैदल मार्च करके सदर विधायक के आवास पर पहुंचेंगे। जहां पर अधिवक्ता धरना प्रदर्शन और विधायक का घेराव करेंगे। इसके बाद भी उनकी समस्या का हल नहीं होता है तो अधिवक्ता 16 जुलाई को कोतवाली पहुंचकर गिरफ्तारी देंगे। इसके बाद भी धनराशि आवंटित नहीं की जाती है तो अधिवक्ता लखनऊ जाकर धरना-प्रदर्शन करेंगे।
डीएम ने कचहरी परिसर का किया निरीक्षण-
अधिवक्ताओं के प्रतिनिधि मंडल द्वारा की गई शिकायत के बाद डीएम मेधा रूपम ने कचहरी परिसर का निरीक्षण किया। इस दौरान पेयजल के लिए नगर पालिका द्वारा लगाया गया वाटर कूलर खराब मिला। उन्होंने नाराजगी व्यक्त करते हुए पालिका के ईओ को दो दिन में वाटर कूलर को चालू कराने के निर्देश दिए। उन्होंने शौचालय के निर्माण का भी आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि कचहरी परिसर की सभी समस्याओं का शीघ्र निस्तारण किया जाएगा।
डीएम न्यायालय का बहिष्कार रद्द
अधिवक्ताओं द्वारा डीएम न्यायालय के बहिष्कार के फैसले को वापस ले लिया गया है। जिसके चलते ग्यारह जुलाई से अधिवक्ता डीएम न्यायालय में काम करना शुरू कर देंगे। डीएम मेधा रुपम का न्यायालय के नव निर्माण व कचहरी परिसर की समस्याओं का शीघ्र निस्तारण कराने के आश्वासन के बाद अधिवक्ताओं ने भी डीएम के प्रति अपना रुख नरम किया है।