कम वसूली पर सहकारिता विभाग की 17 खाद समितियों को नोटिस
हापुड़। वित्तीय वर्ष 2021 से 22 में जिले के 88 हजार किसानों को सहकारिता खाद समितियों से केसीसी पर दिए गए 323.64 करोड़ के ऋण में सिर्फ 232.82 करोड़ की ही रिकवरी हो सकी है, 90 करोड़ से अधिक की बकायेदारी शेष है, जबकि समय 30 जून तक ही है। इस लापरवाही पर सहकारिता विभाग की ओर से 17 समितियों को नोटिस जारी कर दिया है।
सहकारी खाद समितियों से किसानों को केसीसी पर ऋण मुहैया कराया जाता है। इसमें किसान को सिर्फ तीन फीसदी ब्याज के साथ ही मूल जमा करना होता है। लेकिन यह पैसा एक साल के अंदर जमा करना जरूरी है, क्योंकि इसके बाद ब्याज की दर 12 प्रतिशत से भी अधिक हो जाती है।
समितियों से केसीसी पर मिलने वाले ऋण की 25 फीसदी राशि से खाद, उर्वरक खरीदे जाते हैं, बाकी पैसा खेती के लिए होता है। वित्तीय वर्ष 2021-22 में समस्त 36 समितियों ने अपने अपने क्षेत्रों के किसानों को केसीसी पर 323.64 करोड़ रुपये का ऋण मुहैया कराया था। 71.94 फीसदी किसानों ने आगामी वित्तीय वर्ष के लिए फाइल बनवाने की तैयारी शुरू कर दी है, इससे पहले ही इन किसानों ने पुराना ऋण भी चुका दिया है।
लेकिन 28 फीसदी ऋण की रिकवरी अभी तक नहीं हो सकी है। इस पर गंभीर सहकारिता के सहायक निबंधक ने 17 समितियों को नोटिस जारी कर दिया है। पांच समितियों का सबसे अधिक ऋण बकाया है, उन्हें कार्रवाई की भी चेतावनी दी गई है।
इन समितियों को जारी किया नोटिस
बक्सर, गोहरा, जखैड़ा, हापुड़ पश्चिमी, मोरपुर भटियाना, दोयमी, अल्लीपुर, सपनावत, नारायणपुर पास्ता, गंदू नंगला, हरोड़ा, समाना, इकलैड़ी, डेहरा, मीरपुर कलां, डहाना, बाबूगढ़।
इन पांच समितियों पर सबसे अधिक बकायेदारी
हापुड़ पश्चिमी-----9.5 करोड़
मोरपुर भटियाना----6.60 करोड़
हापुड़ पूर्वी दोयमी---6.54 करोड़
अल्लीपुर--------7.30 करोड़
सपनावत--------4 करोड़
डिफाल्टर किसानों पर 17 करोड़ बकाया
वित्तीय वर्ष 2020-21 में डिफाल्ट हो चुके किसानों पर 17 करोड़ रुपया अभी भी बकाया है। पहले यह देनदारी 52 करोड़ रुपये थी, लेकिन इसमें 35 करोड़ की वसूली कर ली गई है। अब सिर्फ 17 करोड़ किसानों पर बकाया है।
ओटीएस में आवेदन कर उठाएं लाभ
समितियों से सालों पहले ऋण ले चुके किसान ब्याज में छूट पाने के लिए ओटीएस का लाभ उठा सकते हैं। इसमें तीन चरणों में उन्हें लाभ मिलेगा। जिन किसानों ने वर्ष 1997 से पहले ऋण लिया था, उनके ब्याज में शत प्रतिशत छूट रहेगी, सिर्फ मूल जमा करना होगा। जिन किसानों ने 1997 से 2012 तक ऋण लिया है, उनके ब्याज पर 50 फीसदी छूट मिलेगी और जिन किसानों ने 2012 से 2016 तक ऋण लिया है उन्हें ब्याज पर 35 फीसदी छूट दी जाएगी।
कोट-
केसीसी पर ऋण लेने वाले किसान 30 जून तक पुराना ऋण चुकाकर नए के लिए आवेदन कर दें। निर्धारित तिथि तक ऋण नहीं चुकाने पर ब्याज दर तीन फीसदी से बढ़कर 12 फीसदी हो जाएगी, कम वसूली पर 17 समितियों को नोटिस जारी किया गया है। - विकास नेहरा, एआर कॉपरेटिव।