नौनिहालों के मिड डे मील पर रहेगी मां की नजर
हापुड़। परिषदीय स्कूलों में अब मिड डे मील में गड़बड़ी नहीं होगी। शासन के आदेश पर प्रत्येक विद्यालय में छह सदस्य अभिभावक माताओं की समिति का गठन होगा। इनमें रोजाना एक माता विद्यालय आएगी और एमडीएम की गुणवत्ता को परखेगी। सात बिंदुओं पर माताएं नजर रखेंगी, ऐसे में नौनिहालों को उच्च गुणवत्ता का भोजन विद्यालय में मिल सकेगा।
परिषदीय स्कूलों में 80 हजार से अधिक छात्र पंजीकृत हैं, इनके लिए प्रतिदिन दोपहर में भोजन की व्यवस्था विद्यालय में ही कराई जाती है। आए दिन एमडीएम की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठते हैं। जबकि शासन से अच्छी गुणवत्ता का भोजन छात्रों को परोसने का आदेश है।
इस अव्यवस्था से पार पाने के लिए माता समूह अभियान शुरू किया गया है। इसमें छह सदस्यीय महिला समूह में प्रतिदिन एक महिला विद्यालय जाकर मिड डे मील को चखेगी, जिसके लिए बाकायदा रोस्टर बनाया जाएगा। भोजन पकाने और परोसने की विधि का अवलोकन कर रिपोर्ट संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी को दी जाएगी।
इस समिति में शामिल महिलाओं को प्रतिदिन स्कूलों में तैयार होने वाले मिड डे मील का मैन्यू भी उपलब्ध कराया जाएगा। इसी के आधार पर रिपोर्ट भी तैयार होगी। छुट्टियां बीत जाने के बाद से माता समिति गठन पर कार्य शुरू होगा।
इन बिंदुओं पर रहेगी नजर
* भोजन की गुणवत्ता देखना
* छात्र को मानक अनुसार भोजन की मात्रा मिल रही है या नहीं
* रसोई और बर्तनों की साफ-सफाई
* दूध और फल वितरित करने का समय
* निर्धारित मेन्यू के मुताबिक भोजन दिया जा रहा या नहीं
* रसोइये का मानदेय समय से दिया जा रहा है या नहीं
* भोजन सामग्री समय से उपलब्ध कराई जा रही या नहीं
कोट-
मिड डे मील की गुणवत्ता से खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा। छात्रों की माताएं भी एमडीएम की गुणवत्ता को परखेंगी। मेन्यू के अनुसार पोषित भोजन बच्चों को उपलब्ध कराया जाएगा। - अर्चना गुप्ता, बीएसए।