सत्तर दिन में पांच नोटिस, एक का भी नहीं दिया जवाब
धौलाना। क्षेत्र के खिचरा रावली माजरा में निर्माणाधीन एसएसएससीजीसी गर्ल्स हॉस्टल एवं एकेडमिक ब्लॉक में अग्निशमन विभाग ने मानकों की अनदेखी पर 70 दिन में सात नोटिस दिए लेकिन एक का भी जवाब नहीं दिया गया। वहीं सिंचाई विभाग की हरित पट्टिका को उजाड़ कर उसका निजी इस्तेमाल किया गया। डीएम मेधा रूपम के आदेश पर एसडीएम धौलाना ने अब इस मामले में सिंचाईं विभाग से जानकारी मांगी है।
धौलाना तहसील के अंतर्गत गांव खिचरा गांव के गैर आबाद माजरा रावली में उपरी गंगनहर मसूरी-देहरा रोड पर जमीयत उलमा ए हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष व राज्यसभा सांसद रहे मौलाना महमूद असद मदनी द्वारा गर्ल्स हॉस्टल एवं एकेडमिक ब्लॉक का निर्माण कार्य कराया जा रहा है। बिना मानचित्र स्वीकृत कराए बन रहे इस भवन में अग्निशमन मानक भी पूरे नहीं थे। अग्निशमन अधिकारी सोमदत्त सोनकर ने बताया कि अग्निसुरक्षा / ढांचागत व्यवस्थाओं की कमी के कारण भवन असुरक्षित बना हुआ है। इस संबंध में स्थलीय निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान पाई गई कमियों को पूरा करने के लिए 14 फरवरी को पहला नोटिस जारी कर 30 दिन का समय दिया गया। जवाब नहीं मिलने पर 31 मार्च को 15 दिन में जवाब देने के लिए दूसरा, 8 अप्रैल को तीसरा, 5 मई को चौथी बार कारण बताओ और 13 मई को पांचवीं बार नोटिस देकर तीन दिन का समय दिया गया। 70 दिन की अवधि के दौरान अग्निसुरक्षा खामियों को पूरा नहीं करने पर सात नोटिस दिए गए। लेकिन एक का भी जवाब नहीं मिला।
बिना अनुमति चलता रहा निर्माण कार्य
परिसर के एक हिस्से में जैतून इंटर नेशनल एकेडमी के भवन का निर्माण वर्ष 2017 में पूरा हो चुका है। यह एक कक्षा आठ तक का बोर्डिंग स्कूल है। जिसमें पहला सत्र वर्ष 2017-18 में शुरू हुआ था। फिलहाल इसमें 140 छात्र हैं। इसके बाद से हाॅंस्टल के रूप से इस दूसरे भवन का निर्माण शुरू हो गया। जैतून इंटरनेशनल स्कूल के पहला भवन मानकों के अनुरूप है, लेकिन आठ मंजिला बनकर तैयार हुआ दूसरा यह भवन मानकों के अनुरूप नहीं था। करोड़ों की लागत से बनी इस इमारत का निर्माण पूरा होने के बाद प्रशासन को इसकी सुध आई है।
कोट-
एसडीएम धौलाना सुनीता सिंह ने बताया कि दोनों इमारतों में आवागमन के लिए सिंचाई विभाग की हरित पट्टिका को उजाड़ कर उसका इस्तेमाल किया गया है, सिंचाई विभाग से जानकारी मांगी है। बिल्डिंग के निर्माण के दौरान ऊ र्जा निगम, जिला पंचायत विभाग, सिंचाई विभाग ने इस पर आपत्ति क्यों नहीं की इसकी भी जांच कराई जाएगी।