टोल टैक्स बचाने के लिए पुलिस की भी फर्जी आईडी बनवा रहे शातिर
हापुड़। टोल टैक्स बचाने के लिए इन दिनों फर्जी आईडी का प्रयोग जमकर हो रहा है। छिजारसी और कुराना टोल पर इस तरह के रोज कई मामले सामने आ रहे हैं। इनमें पुलिस, आर्मी की फर्जी आईडी के अलावा स्थानीय स्तर के आधार कार्ड और वोटर कार्ड भी शामिल हैं। बड़ी बात है कि ये फर्जी आईडी कहां बनाई जा रही हैं और इनका प्रयोग कहां कहां हो रहा है, इसे लेकर पुलिस गंभीर नहीं है।
जिले के तीनों छोर पर तीन टोल प्लाजा हैं। टोल टैक्स की दरें बढ़ने के कारण लोगों की जेब ढीली हो रही हैं। लेकिन अब कुछ लोग स्थानीय गांवों की आईडी बनाकर टोल बचाने का प्रयास कर रहे हैं। गढ़, कुराना और छिजारसी टोल टैक्स पर प्रतिदिन 20 से 30 फर्जी आईडी पकड़ी जा रही हैं। टोल पर तैनात स्थानीय कर्मचारियों द्वारा इन आईडी की पहचान की जा रही है, जिसके बाद आईडी को जब्त कर लिया जाता है या वाहन चालक खुद ही आईडी छोड़कर भाग खड़े होते हैं।
कुराना टोल के एमडी कुनाल चौधरी ने बताया कि टोल कर्मियों द्वारा रोज ऐसे मामले पकड़ में आ रहे हैं। जिसके कारण विवाद होता है और कई बार तो ये लोग मारपीट पर भी उतारू हो जाते हैं। कुछ लोग पुलिस की आईडी भी दिखाते हैं, जबकि पूछताछ में ये लोग संदिग्ध नजर आते हैं।
आईडी स्कैनर और दूसरी आईडी से हो रही पहचान
टोल पर आईडी स्कै नर भी रहता है। इसके अलावा आईडी फर्जी होने की आशंका पर वाहन चालक से दूसरी फोटो आईडी मांगी जाती है। जिसे दिखाने में वाहन चालक असमर्थ होता है। ऐसे में आईडी को जब्त कर लिया जाता है।
कोट-
एएसपी सर्वेश कुमार मिश्रा ने बताया कि मामला गंभीर है। जब्त की गई फर्जी आईडी की जांच कराई जाएगी, जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।
टोल कर्मियों को हो रहा नुकसान
कुराना टोल पर प्रतिदिन 55 सौ वाहन गुजरते हैं और प्रतिदिन 12 लाख रुपये का राजस्व वसूला जाता है। टोल पर 15 किलोमीटर तक के लोकल एरियो का पास 350 रुपये मासिक में बनवाया जाता है, ऐसे वाहन करीब 550 रजिस्टर्ड हैं। इसके लिए ही लोकल आईडी का प्रयोग होता है। अभी तक कुराना टोल पर पिछले महीने करीब 300 ऐसी आईडी जब्त की गई हैं, जबकि छिजारसी टोल पर 45 हजार वाहन निकलते हैं और इस पर करीब 70 आईडी जब्त की गई हैं।