चोरी के आरोप में दोषी करार, सजा पूरी होने पर किया रिहा
हापुड़। अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश एससीएसटी एक्ट कोर्ट ने चोरी के मामले में एक आरोपी को दोषी करार दिया। हालांकि दोषी को जेल में बीते छह वर्ष को अपराध के लिए पर्याप्त मानते हुए कोर्ट ने दोषी को रिहा करने के आदेश किए है। लेकिन अर्थदंड की राशि न देने की दस दिन सजा के आदेश किए है।
अपर जिला शासकीय अधिवक्ता मुकेश कुमार त्यागी ने बताया कि उपनिरीक्षक शिवकुमार मलिक ने पिलखुवा कोतवाली में एक रिपोर्ट दर्ज की। जिसमें उन्होंने कहा कि मुखबिर की सूचना पर छह मार्च 2016 को पिलखुवा निवासी राहिल को एनसीएमएल फैक्टरी के पास से चोरी की योजना बनाते हुए गिरफ्तार किया। पूछताछ करने पर राहिल ने बताया कि उसने अपने दो अन्य साथियों के साथ मिलकर 28 फरवरी 2016 को मोहल्ला शुक्लान में एक मकान में चोरी की की है। शुक्रवार को उक्त मामले में अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश एससीएसटी एक्ट कोर्ट न्यायाधीश ने फैसला सुनाया। मुकदमे में प्रस्तुत साक्ष्य व गवाहों के बयान के अनुसार आरोपी को दोषी करार दिया गया। लेकिन आरोपी घटना के बाद से ही जेल में बंद है, जिसकी अवधि छह वर्ष से भी अधिक ोती है। यह अवधि उक्त अपराध के लिए पूरी है। इसलिए दोषी की सजा पूरी मानते हुए उसे रिहा कर दिया गया। हालांकि सात हजार रुपये का अर्थदंड न देने पर दस दिन की सजा काटने का आदेश दिया।