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55 कर्मियों की सेवा समाप्त,थमाया नोटिस, अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित

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55 कर्मियों को सेवा समाप्ति का नोटिस, अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित
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हापुड़। कोरोना महामारी में संविदा पर रखे गए 55 स्वास्थ्यकर्मियों को स्वास्थ्य विभाग ने सेवा समाप्ति का नोटिस दिया है, शुक्रवार को कोई कर्मचारी अस्पताल नहीं पहुंचा, इससे स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित रहीं। हालांकि, शासन ने ऐसे कर्मचारियों को एक महीने का समय दिया है, लेकिन हापुड़ में यह आदेश लागू नहीं किया गया। पीड़ित कर्मचारियों ने डीएम को ज्ञापन सौंपकर राहत की गुहार लगाई। सीएमओ ने उच्चाधिकारियों से वार्ता के बाद ही कोई निर्णय लेने की बात कही है।
कोरोना की तीन लहरों में 223 लोगों की मौत हुई, जबकि 13 हजार के करीब लोग संक्रमित हुए। उस समय शासन के आदेश पर चिकित्सा सुविधाओं को सुचारु रखने के लिए हापुड़ में 55 संविदा कर्मियों की भर्ती की गई थी। इसमें 10 चिकित्सक, 20 स्टाफ नर्स, 20 लैब टेक्नीशियन व पांच सफाई कर्मचारी शामिल थे।
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जान हथेली पर रख इन लोगों ने संक्रमित मरीजों की जान बचाई। जनवरी महीने में इन्हें सेवा समाप्ति का नोटिस दिया था, लेकिन शासन के मामले में संज्ञान लेने के बाद 31 मार्च तक कार्यकाल बढ़ा दिया गया। अब स्वास्थ्य विभाग की ओर से इन कर्मचारियों को फिर से सेवा समाप्ति का नोटिस दिया है।
शुक्रवार को कोई कर्मचारी अस्पताल नहीं पहुंचा, ऐसे में चिकित्सा सेवाएं प्रभावित हो गई। मरीजों को उपचार के लिए सीएचसी जाना पड़ा। इतना ही नहीं संविदा कर्मियों ने इस मामले में सीएमओ से भी वार्ता की। लेकिन कोई रास्ता नहीं निकल सका, डीएम के संज्ञान में मामला डाला गया है। ज्ञापन देने वालो में डॉ. अमरदीप, डॉ. कपिल त्यागी, डॉ. हेमंत कुमार सैनी, शिवम कुमार, दीपमाला शर्मा, तुषार, पुनीत शर्मा रहे।
दो पीएचसी रहे बंद
कोरोना महामारी के दौरान भर्ती चिकित्सकों की ड्यूटी पीएचसी, अस्पतालों में भी लगाई गई है। लेकिन सेवा समाप्ति के कारण शुक्रवार को मुदाफरा और गोहरा आलमगीरपुर पीएचसी बंद पड़ी रहीं। कोठीगेट पीएचसी पर भी स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हुई।
अस्पताल भर्ती मरीजों को हुई परेशानी
गढ़ रोड सीएचसी के वार्ड में भर्ती मरीजों की देखभाल के लिए भी इन कर्मचारियों को लगाया गया था। लेकिन इनकी सेवा समाप्ति के कारण मरीजों को उनके हाल पर छोड़ दिया गया। क्योंकि चिकित्सकों की कमी के कारण वह ओपीडी की नहीं छोड़ पाए, अधीक्षक ने वार्ड में जाकर मरीजों का हाल जाना।
पंचायत राज विभाग के बजट से मिलता था मानदेय
कोविड संविदा कर्मियों को पंचायत राज विभाग के बजट से ही मानदेय मिलता था। लेकिन उस मद में पैसा नहीं आने के कारण इन कर्मचारियों को मानदेय देना विभाग के लिए मुश्किल हो रहा है। कर्मचारी एनएचएम के जरिए उनकी नियुक्ति की मांग उठा रहे हैं।
इन सेवाओं पर पड़ सकता है प्रभाव
* अस्पतालों में कोरोना की जांच।
* कोविड टीकाकरण।
* वार्ड में मरीजों की देखभाल।
* लैब में मरीजों की जांच।
* शहर, देहात के उप स्वास्थ्य केंद्र।
इन्हें दिया सेवा समाप्ति का नोटिस
आयुष चिकित्सक डॉ. ओमप्रकाश माहुर, डॉ. शाहिद अली, डॉ. नौशाद अली, डॉ. कपिल देव त्यागी, डॉ. अब्दुल जाहिर, डॉ. मोहम्मद साजिद, डॉ. राहुल शर्मा, डॉ. अमरदीप, डॉ. हेमंत कुमार सैनी, स्टाफ नर्स अक्षय तोमर, दीपमाला शर्मा, साधना कौशिक, सीमा त्यागी, प्रियंका रानी, अश्वनी, खुशबू, रश्मि यादव, स्वाति, पूजा, मोहम्मद जीशान, रिफाकत अली, पूजा, चांदनी, नाशीर, हेमलता, राबिया, प्रीति, अंजू, रचना कश्यप, प्रयोगशाला सहायक दीपक कुमार, शिवम कुमार, रवि यादव, इंद्रजीत यादव, सोमवीर सिंह, मोहम्मद जीशान, पुनीत शर्मा, हरीश कुमार, विक्रांत कुमार, संतोष कुमार।
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उच्चाधिकारियों से वार्ता कर लेंगे निर्णय
हापुड़ में तैनात कर्मचारी आउटसोर्सिंग से भर्ती नहीं थे, शासन ने एक महीने का कार्यकाल बढ़ाने का जो आदेश किया है वह आउट सोर्सिंग के जरिए नियुक्त कर्मचारियों पर लागू है। यहां कर्मचारियों को पंचायत राज विभाग के बजट से ही मानदेय मिलता था। उच्चाधिकारियों से वार्ता की जा रही है, जल्द निर्णय होगा। फिलहाल सेवा समाप्ति का नोटिस दिया गया है।--डॉ रेखा शर्मा, सीएमओ।
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