अवैध हथियार रखने पर तीन वर्ष का कारावास
हापुड़। न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वितीय ने अवैध हथियार रखने और उसका आपराधिक घटना में प्रयोग करने के मामले में दोषी को तीन वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही तीन हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड न देने की स्थिति मेें कारावास में तीन माह की वृद्धि की जाएगी।
सहायक अभियोजन अधिकारी चंद्र प्रकाश गौतम ने बताया कि पुलिस ने सात मई 2006 को चेकिंग के दौरान एक व्यक्ति को गांव बड़ौदा सिहानी के पास पकड़ा था। जिसके पास से एक अवैध बंदूक व कारतूस बरामद किए। पूछताछ करने पर उसने अपना नाम आबिद पुत्र शरीफ निवासी गांव बड़ौदा सिहानी थाना हाफिजपुर बताया। बताया कि उसने इस हथियार का प्रयोग छह मई 2006 को गांव के ही एक व्यक्ति को जान से मारने के लिए किया था। जिसमें उसको गोली भी लगी थी। लेकिन गोली लगने के बाद वह व्यक्ति बच गया है। जिस पर पुलिस ने आबिद पर हत्या का प्रयास, अवैध हथियार रखने व हथियार का अवैध प्रयोग करने का मुकदमा दर्ज किया। न्यायालय ने आबिद को हत्या के प्रयास के मामले में कुछ समय पहले सात वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। जिसमें वह जमानत पर है। मामले की सुनवाई न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वितीय कोर्ट में चल रही थी। जिसमें दोनों पक्षों को सुनने के बाद न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वितीय नेहा चौधरी ने निर्णय सुनाया। मजिस्ट्रेट नेहा चौधरी ने आरोपी आबिद को उक्त मामलों में दोषी करार देते हुए तीन वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। साथ ही तीन हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। अर्थदंड न देने पर कारावास में तीन माह की वृद्धि की जाएगी।