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जिले का हो सीमा विस्तार, गन्ने का मिले भुगतान

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जिले का हो सीमा विस्तार, गन्ने का मिले भुगतान
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हापुड़। जिले की तीनों विधानसभा सीटों पर कमल खिला है, तीनों ही विधायकों के लिए आगामी पांच साल चुनौतीपूर्ण होंगे। जिले में कई बड़े प्रोजेक्ट अभी भी अधर में ही लटके हैं। जनता को भरोसा है कि इस बार दोबारा से सत्ता में आई सरकार के माध्यम से माननीय इन कार्यों को पूरा कराएंगे।
वैसे तो हापुड़ जिला नया है, लेकिन शहर प्राचीन अनाज मंडी के लिए विख्यात है। इसलिए यह शहर पहले से काफी विकसित है, लेकिन जिला बनने के बाद भी अनेक समस्याएं ऐेसी हैं जिनका समाधान नहीं हो सका है।
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इस समय हापुड़ के नागरिक सीमा विस्तार नहीं होने से खासे परेशान हैं। चौड़ाई के मामले में सीमाएं एक ओर चार किलोमीटर पर ही सिमट जाती हैं। इसके अलावा औद्योगिक क्षेत्र की स्वीकृति आज तक नहीं हो सकी है। मेरठ जिले के औद्योगिक क्षेत्र धीरखेड़ा में ही उद्योग लगाने पड़ते हैं, जिनकी एनओसी के लिए लोग दिनरात चक्कर काटते हैं।
एचपीडीए का मास्टर प्लान 2031 लखनऊ के अफसरों टेबल पर अटका है, जिसे स्वीकृत कराने की जिम्मेदारी भी विधायक की है। किसानों का बकाया गन्ना भुगतान, राजकीय महिला डिग्री कॉलेज की स्वीकृति भी कराना जरूरी होगा।
काली नदी के प्रदूषित पानी से प्रभावित दो दर्जन से अधिक गांवों के निवासियों को शुद्ध पेयजल मुहैया कराने की व्यवस्था करना भी जरूरी है। लंबे रूट की बसें बाईपास से निकल जाती हैं जो यहां के नागरिकों की विकट समस्या है, इस पर विधायक को सख्ती दिखानी होगी ताकि बसें शहर से होकर जाएं।
इन कामों के होने की है आस
गढ़मुक्तेश्वर: विधानसभा सीट से चुने गए विधायक हरेंद्र सिंह को भी नगर में सीवर लाइन बिछाने के लिए तोड़ी गईं सड़कों का पुन: निर्माण कराने के कार्य को प्राथमिकता देनी होगी। गंगा के तट पर तिगरी धाम की तर्ज पर पक्का बांध बनवाने की मांग पूरी करानी होगी, ताकि बरसात के सीजन में खादर क्षेत्र के ढाई दर्जन गांव बाढ़ से बच सकें। साथ ही कुटीर उद्योग के रूप में प्रसिद्ध चटाई और मूढ़ा कारोबार को प्रोत्साहन, कार्तिक मेले को शासन से अनुदान, ऋषिकेश की तर्ज पर गंगा के ऊपर झूले बनाए जाने के सीएम के वादे को पूरा कराना भी चुनौती होगी।
धौलाना: विधानसभा सीट से निर्वाचित होने वाले विधायक धर्मेश तोमर के लिए भी कई प्रमुख समस्याओं के समाधान कराने की जिम्मेदारी होगी। इनमें सबसे प्रमुख रिलायंस पावर प्रोजेक्ट से जुड़े किसानों को हक दिलाना, रोडवेज डिपो बनवाना, राजकीय कन्या डिग्री कालेज का निर्माण करवाना, पिलखुवा में फायर ब्रिगेड की स्थापना कराना और सब्जी मंडी व आनाज मंडी की स्थापना भी प्रमुख मुद्दों में शामिल है।
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हापुड़: विधानसभा सीट से दोबारा विधायक चुने गए विजयपाल आढ़ती के लिए भी कई चुनौती हैं। इसमें नवीन मंडी में बने किसान बाजार को चालू कराने, असौड़ा में बन रहे स्टेडियम का जल्द निर्माण कराने, सीमा विस्तार, हाईकोर्ट बेंच की पैरवी, गन्ना भुगतान जैसे मुद्दों पर जनता का विश्वास जीतना होगा। इसके अलावा औद्योगिक क्षेत्र, ट्रांसपोर्ट नगर, मास्टर प्लान 2031 को लेकर भी जनकी की उनसे लोगों को काफी उम्मीदें हैं।
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