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मिलावट का खेल : हल्दी में मिला चॉक पाउडर, लाल मिर्च में मिट्टी

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मिलावट का खेल- हल्दी में मिला चॉक पाउडर, लाल मिर्च में मिट्टी
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हापुड़। खाद्य पदार्थों में मिलावट का धंधा किस कदर बढ़ रहा है, खाद्य सुरक्षा औषधि विभाग द्वारा जारी की गई नमूनों की रिपोर्ट में खुलासा हुआ है। पिछले दस माह में लिए गए 257 नमूनों में से 92 फेल हो गए हैं। विभाग की ओर से कुल 37.54 लाख रुपये का जुर्माना भी वसूला गया है। जो नमूने फेल हुए हैं उनमें पनीर, दूध, तेल, मिर्च, हल्दी और मिठाईयां शामिल हैं। हल्दी में चॉक पाउडर, खोए में आलू, बर्फी में चांदी के वर्क की जगह एल्युमिनियम का वर्क मिला है।
जिले में मिलावट का खेल पुराना है। पिछले वित्तीय वर्ष में 184 नमूने लिए गए थे। जिनमें से 107 फेल हो गए थे। लेकिन इस बार फेल हुए नमूनों में 44 अधोमानक, 23 असुरक्षित, 24 मित्याछाप ब्रांड, एक नियम उल्लंघन पाया गया है। लैब से आई रिपोर्ट में मिठाई और मसालों में खतरनाक रंगों का मिश्रण पाया गया है। बर्फी में चांदी के वर्क की जगह एल्युमिनियम का वर्क मिला है। अनारदाना और हल्दी में मेटानिल येलो नामक खतरनाक रंग और चॉक पाउडर की मिलावट मिली है। हींग में रेजिन गम अरबिक पाया गया। खोये में आलू की मिलावट पाई गई। मिठाई को चमकाने के लिए ज्यादा मात्रा में फूड कलर का इस्तेमाल मिला है। दूध में पानी मिलाया गया था। दूध से मक्खन निकाला हुआ था, उसमें स्टैंडर्ड फैट नहीं निकला। लाल मिर्च में गेरू और लाल मिट्टी पाई गई। धनिये में बुरादा पाया गया। मिल्क केक और मिल्क खोया भी अधोमानक निकले। पनीर में मिल्क पाउडर की मिलावट और सरसों के तेल में पॉम आयल की मिलावट पाई गई है। कुल मिलाकर मिलावटी पदार्थ बाजार में बिक रहे हैं और लोगों को बीमार बना रहे हैं।
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आजीवन कारावास और तीन लाख तक हो सकता है जुर्माना
अभिहित अधिकारी पवन कुमार ने बताया कि पिछले 10 माह में 37 लाख 54 हजार रुपये जुर्माना वसूला गया है। इन मामलों में एफआईआर दर्ज कर एसीजेएम कोर्ट में मुकदमा चलाया जाता है, जिसमें छह माह से लेकर आजीवन कारावास तक की सजा और तीन लाख रुपये तक जुर्माना लगाया जा सकता है। पिछले वित्तीय वर्ष 2020-21 में 24 लाख 64 हजार रुपये का जुर्माना वसूला गया था। फिलहाल एडीएम कोर्ट में इस वर्ष के 68 व सीजेएम के समक्ष 45 वाद दायर किए गए हैं।
पिछले एक साल में नामी कंपनियों पर हुए जुर्माने -
कंपनी खाद्य पदार्थ जुर्माना
* मैसर्स तायल ऑयल इंडस्ट्री यूपीएसआईडीसी धौलाना- सरसों का तेल - तीन लाख
* किशोर कुमार अग्रवाल इंद्रलोक कालोनी- सोनपपड़ी - एक लाख
* दिनेश कुमार मोतीगंज- बेसन की भुजिया- एक लाख
* गोपी स्वीट्स पिलखुवा- मावा-1.5 लाख
* गोपाल जी डेयरी खैरपुर खैराबाद-पनीर-50 हजार
* डिंपल गुप्ता नजीर गढ़ रोड दिल्ली- कढ़ाई ग्रेवी-दो लाख
* सुनील कुमार बुलंदशहर- दूध -दो लाख
* ब्रजपाल ढहाना-मावा व वनस्पति- दो लाख
* ओम शिव भोलानाथ डेयरी गजरौला-पनीर -1.5 लाख
* रविंद्र सिंह देहरा कुटी-चीज -एक लाख
* संजय कृष्ण गोयल चाहकमाल-रिफाइंड डेढ़ लाख
* प्रवीन कुमार बदनौली, सरसों का तेल-एक लाख
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