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यूक्रेन में गोलीबारी के बीच घिरे हापुड़ के तीन और छात्र

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यूक्रेन में गोलाबारी के बीच घिरे हापुड़ के तीन और छात्र
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फोटो - 28 से 31
- जान बचाने के लिए बंकर में घुसे हैं छात्र, महज दो दिन के लिए ही बची है खाद्य सामग्री
- फोन पर धमाकों की आवाज सुनकर बैठ रहा परिजनों का कलेजा, पीएमओ से लगा रहे गुहार
संवाद न्यूज एजेंसी
हापुड़। बुलंदशहर रोड निवासी फैसल और नदीम के अलावा जिले से तीन छात्र और यूक्रेन में गोलाबारी के बीच फंसे हैं। दहशत के मंजर में छात्र बंकरों में छिपे हुए हैं। उनके पास खाने पीने का सामान भी केवल दो दिन का ही बचा है। बाहर निकलने की कोई उम्मीद भी नजर नहीं आ रही है। वहां का मंजर देख छात्र दहशत में हैं। यहां परिजनों का कलेजा बैठ रहा है। बच्चों की वतन वापसी के लिए परिजन प्रधानमंत्री से गुहार लगा रहे हैं।
स्वर्ग आश्रम रोड कृष्णा गली निवासी अधिवक्ता मनोज भारद्वाज का बड़ा बेटा विकल्प भारद्वाज ओडेसा नेशनल मेडिकल यूनिवर्सिटी से एमबीबीएस कर रहा है। ब्लैक सी के किनारे पर बसे इस शहर पर रूसी वायु सेना के अलावा नेवी और थल सेना लगातार बम बरसा रही है। विकल्प ने बताया कि वह कुछ लोगों के साथ एक अज्ञात स्थान पर आकर बंकर में छिपा है। वीडियो कॉल कर रहे हैं तो पीछे से गोलाबारी की आवाज सुनकर परिजनों का कलेजा भी बैठ जाता है। विकल्प की मां निशा और दादी लगातार हनुमान चालीसा का पाठ कर रही हैं। पिता मनोज भारद्वाज ने प्रधानमंत्री कार्यालय को पत्र लिखकर बेटे की सकुशल घर वापसी की गुहार लगाई है।
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जवाहर गंज निवासी दवा कारोबारी जयविंदर सिंह का बेटा आकाश डागर इवानो फ्रैंक्विस्क में नेशनल यूनिवर्सिटी में पढ़ाई कर रहा है। वहां भी हालात खराब हैं। लगातार बमबारी हो रही हैं। आकाश डागर का बृहस्पतिवार रात परिजनों से संपर्क टूट गया था। इसके बाद घर पर हाहाकार मचा हुआ था। पूरी रात परिजनों ने जागकर काटी। सुबह पैतृक गांव के लोग भी घर पहुंच गए। सुबह दस बजे आकाश को फोन आया तो परिजनों की जान में जान आई। परिजनों ने बताया कि आकाश भारतीय दूतावास के संपर्क में है।
बीस दिन से लगा रहे थे घर भेजने की गुहार
विकल्प के पिता मनोज भारद्वाज बेटे की घर वापसी को लेकर चिंतित हैं। उन्होंने कहा कि पिछले चार महीने से यूनिवर्सिटी में ऑन लाइन क्लास चल रही थी। 25 फरवरी से ऑफ लाइन क्लास के आदेश के बाद छात्रों को घर जाने की अनुमति नहीं दी गई। युद्ध की आशंका को देखते हुए पिछले एक महीने से घर जाने और ऑनलाइन क्लास ही करने की गुहार लगा रहे थे। आकाश ने 25 फरवरी का टिकट बुक करा लिया था, लेकिन इससे पहले ही युद्ध छिड़ गया।
फैसल और नदीम सकुशल
बुलंदशहर रोड निवासी मोहम्मद फैसल और नदीम सैफी भी फिलहाल सकुशल हैं। फैसल इवानो फ्रैंक्विस्क शहर में है, जहां लगातार बमबारी हो रही है। फैसल भारतीय दूतावास के संपर्क में है। उससे ग्रुप में बंकर में ही रहने के लिए कहा गया है। पूरे ग्रुप के पास दो दिन खाने का सामान बचा है। वह वीडियो कॉल करके परिजनों को लगातार हालात की जानकारी दे रहा है।
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लोग कर रहे पीएमओ को ट्वीट
यूक्रेन में फंसे छात्रों की वतन वापसी के लिए लोग पीएमओ से गुहार लगा रहे हैं। लोग ट्वीट करके छात्रों की सकुशल वापसी के लिए प्रधानमंत्री कार्यालय सहित देश के विदेश मंत्री एस. जयशंकर, रक्षामंत्री राजनाथ सिंह और प्रदेश के मुख्यमंत्री कार्यालय से अपील कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि सरकार पूरी शिद्दत से कूटनीतिक प्रयास करे और जल्द से जल्द प्रभावी क़दम उठाए ताकि परिजन राहत की सांस ले सकें।
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