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बिना टीका लगे आ रहा संदेश, प्रमाण पत्र भी हुआ डाउनलोड

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बिना टीका लगे आ रहा संदेश, प्रमाण पत्र भी हुआ डाउनलोड
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हापुड़। जिले में कोरोना टीकाकरण के दूसरे डोज से करीब तीन लाख लोग वंचित हैं, शासन से शत प्रतिशत लोगों को टीके लगाने का लक्ष्य मिला है। इसे पूरे करने के लिए पोर्टल पर फर्जी अपडेट का खेल शुरू हो गया है। टीकाक रण के बिना ही लोगों के फोन पर टीका लगने का फर्जी संदेश पहुंच रहा है और प्रमाण पत्र भी डाउनलोड हो रहे हैं। जिन लोगों के पास इस तरह के गलत मेसेज आए हैं उन्होंने कार्रवाई की मांग की है।
टीकाकरण को आमजन के लिए तीन चरणों में बांटा गया है। इसमें प्रथम चरण में 45 साल से ऊपर वाले, दूसरे चरण में 18 से 44 साल वाले और तीसरे चरण में 15 से 17 साल वाले किशोर शामिल हैं। इनमें सिर्फ 18-44 साल वाले युवाओं ने शत प्रतिशत पहला डोज लगवाया है। जबकि बुजुर्गों में 86 प्रतिशत ने ही पहला टीका लगवाया है, किशोरों का टीकाकरण करीब 70 प्रतिशत हुआ है।
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शासन से स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को जल्द से जल्द शत प्रतिशत टीकाकरण का लक्ष्य मिला है। इसके लिए टीम क्षेत्र में भी घूम रही हैं। लेकिन बहुत से कर्मचारी क्षेत्र में जाए बगैर ही फर्जी तरीके से टीकाकरण के अभियान को आगे बढ़ा रहे हैं। आलम यह हैै कि जो लोग दूसरा डोज लगवाने बूथ तक नहीं पहुंचे, उनके फोन पर भी टीकाकरण के संदेश और प्रमाण पत्र भेजा जा रहा है।
नहीं लगवाया टीका, फोन पर आ गया प्रमाण पत्र
कोरोना महामारी से बचाव को लेकर वास्तव में मुझे एक भी टीका नहीं लगा है। लेकिन फोन पर पहला डोज लग जाने का संदेश आ गया है, प्रमाण पत्र भी मिल गया है। अब उनकी आईडी से टीकाकरण हो चुका है, ऐसे में तीन महीने तक टीका नहीं लग पाएगा।--रवि पाल।--फोटो संख्या--03
टीकाकरण कराया नहीं, मेसेज आ गया
कोरोना महामारी से बचाव को लेकर अभी तक एक ही टीका लगवाया है, दूसरे डोज लगवाने की योजना बना रही थी कि फोन पर दूसरा टीका लग जाने का संदेश मिल गया। कार्यालय में बैठ कर कर्मचारी खुद ही पोर्टल पर खानापूर्ति कर रहे हैं।--चेतन।--फोटो संख्या--04
दूसरा डोज लगने का आया संदेश
टीकाकरण अभियान के दौरान एक ही डोज लगवाया है, फोन पर दूसरा डोज लग जाने का भी संदेश प्राप्त हो गया। इस तरह अभियान को सफल नहीं बनाया जा सकता। ऐसी हरकत करने वालों पर कार्रवाई होनी चाहिए। --कुलदीप।--फोटो संख्या--05
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गलत संदेश भेजे जाने की होगी जांच
बिना टीका लगवाए जिन लोगों को डोज लग जाने का संदेश भेजा गया है, इस प्रकरण की जांच करायी जाएगी। तकनीकी गलती से एक दो मामले हो सकते हैं, लेकिन अधिक संख्या में यदि इस तरह के मेसेज जा रहे हैं तो गलत है।--डॉ संजीव कुमार, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी।
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