एंटीजन से नहीं, आरटीपीसीआर द्मह्म् जांच में मिल रहा संक्रमण
हापुड़। जिले में कोरोना का असर कम हुआ है, साथ ही संक्रमण एंटीजन की पकड़ से भी दूर हो गया है। बीते पांच दिनों में एंटीजन किट की जांच में कोई मरीज नहीं मिला है। जबकि रोजाना इस विधि से 600 से अधिक लोगों की जांच हो रही है। सिर्फ आरटीपीसीआर या ट्रूनेट की जांच में भी संक्रमण का पता चल पा रहा है।
कोरोना महामारी की तीसरी लहर अब खत्म होने को है, संक्रमित मरीजों की संख्या भी लगातार घट रही है। नए मरीज कम हो गए हैं, सक्रिय मरीजों की संख्या भी 50 से कम हो गई है। लक्षण होने पर मरीज तुरंत जांच कर खुद के संक्रमित होने या न होने का प्रमाण लेना चाहते हैं। इसके लिए गढ़ रोड सीएचसी, जिला अस्पताल पर बने बूथों पर रोजाना एक हजार से अधिक लोग जांच के लिए पहुंचते हैं।
दिलचस्प बात यह है कि एंटीजन किट से बीते पांच दिनों में करीब 2500 लोगों की जांच हुई जिसमें एक भी संक्रमित नहीं मिला है। जबकि इन्हीं लोगों के सैंपलों की आरटीपीसीआर लैब में जांच हुई तो 15 से अधिक संक्रमित मिले हैं। कुल मिलाकर कोरोना संक्रमण के इस व्यवहार से चिकित्सक भी हैरान हैं।
एंटीजन में रिपोर्ट निगेटिव, आरटीपीसीआर में पॉजिटिव
एंटीजन जांच में जो लोग निगेटिव आ रहे हैं, आरटीपीसीआर जांच में उन्हीं के सैंपल पॉजिटिव आ रहे हैं। ऐसे में मरीज भी हैरान हैं, क्योंकि खास लक्षण न होने पर भी वह संक्रमित निकल आते हैं और जिन लोगों को खांसी, जुकाम है वह दोनों जांच में निगेटिव भी आ जाते हैं।
तीसरी लहर में गले तक सीमित है संक्रमण
कोरोना की तीसरी लहर में कोरोना संक्रमण गले तक ही सीमित है। फेफड़ों पर इसका असर कम देखने को मिला है, यही कारण है कि इस बार मृत्यु दर कम है और मरीज आसानी से स्वस्थ भी हो रहे हैं।
पांच दिनों में जांच और कोरोना संक्रमण की स्थिति
तिथि एंटीजन संक्रमित आरटीपीसीआर संक्रमित
12 फरवरी 504 00 597 01
11 फरवरी 503 00 566 05
10 फरवरी 392 00 378 13
09 फरवरी 563 00 613 03
08 फरवरी 555 00 690 11
मरीजों को करा रहे दोनों जांच
बूथ पर आने वाले मरीजों की एंटीजन, आरटीपीसीआर जांच कराई जा रही हैं। एंटीजन की पकड़ में संक्रमण कम आ रहा है, आरटीपीसीआर में सही परीक्षण होता है। गर्भवती महिलाओं की ट्रूनेट से जांच कराई जा रही है। - डॉ. रेखा शर्मा, सीएमओ।