धौलाना - दो चुनाव में नहीं खुल पाया भाजपा की जीत का खाता
हापुड़। जिले की धौलाना सीट पर अभी तक कमल नहीं खिल सका है। हापुड़ के जिला बनने के बाद से इस सीट पर तीसरी बार चुनाव हो रहे हैं, पहले चुनाव में सपा से प्रत्याशी धर्मेश तोमर चुनाव जीते थे, जो इस बार भाजपा से प्रत्याशी हैं वहीं दूसरे चुनाव में बसपा से असलम चौधरी जीते थे, जो इस बार सपा से चुनाव लड़ रहे हैं। वहीं गढ़ और हापुड़ सीट पर भी इस बार कड़ा मुकाबला देखने को मिलेगा।
विधानसभा चुनाव में इस बार भाजपा हाईकमान ने गढ़ से पूर्व विधायक कमल सिंह मलिक का टिकट काटते हुए तीनों सीटों पर ऐसे प्रत्याशियों को टिकट देने का प्रयास किया है, जिनका अपना वोट बैंक है। लेकिन किसान आंदोलन, सपा रालोद गठबंधन जैसी चुनौतियों के बीच इस बार भाजपा की राह आसान नहीं है।
हापुड़ विधानसभा सीट पर भाजपा हाईकमान ने पूर्व विधायक विजयपाल आढ़ती पर विश्वास जताया है। हाईकमान को उनके जीतने की पूरी उम्मीद है। पेशे से आढ़ती होने के नाते निश्चित रूप से उनका ग्रामीण क्षेत्रों में अपना वोट बैंक है। लेकिन इस बार परिस्थितियां विपरीत हैं। किसान आंदोलन और रालोद सपा गठबंधन जैसी चुनौतियों से पार पाना आसान नहीं होगा। जिले में चार बार के विधायक गजराज सिंह रालोद सपा गठबंधन के साथ पहले से अधिक मजबूती से चुनाव मैदान में हैं।
वहीं गढ़ क्षेत्र की बात करें तो यहां भाजपा की स्थिति 90 के दशक में बेहतर रही थी। वर्ष 1996 में राम नरेश रावत के जीतने के बाद यहां सपा ने भाजपा का विजयी रथ रोक दिया था। लेकिन वर्ष 2017 में कमल सिंह मलिक मोदी लहर में जीत गए। इस बार उनका टिकट कटने के बाद हरेंद्र सिंह मैदान में हैं और पहली बार चुनाव लड़ रहे हैं। उनका मुकाबला तीन बार के विधायक रहे मदन चौहान जैसे दिग्गजों से है। वहीं अकेले लोकदल से 2017 का चुनाव लड़ने वाले रविंद्र चौधरी ने 32 हजार से अधिक मत हासिल किए थे। इस बार वह सपा-रालोद के गठबंधन से चुनाव लड़ रहे हैं। अब गठबंधन से उतरने के कारण उनकी स्थिति भी मजबूत दिख रही है। ऐसे में यहां भी भाजपा का मुकाबला आसान नहीं होगा।
धौलाना सीट पर अभी तक कमल खिलने का इंतजार है। इस सीट पर दो बार चुनाव हो चुके हैं और दोनों ही चुनाव में भाजपा को हार का सामना करना पड़ा था। बड़ी बात है कि भाजपा की लहर में भी यहां रमेश चंद तोमर हार गए। जबकि 2012 चुनाव में भाजपा तीसरे नंबर पर रही थी। हालांकि इस बार इसी सीट से सपा से विधायक रहे धर्मेश तोमर मैदान में हैं। ऐसे में मुकाबला दिलचस्प होगा।
हापुड़ विधानसभा सीट पर भाजपा की स्थिति -
वर्ष विधायक
1991 - बिजेंद्र कुमार
1993 जय प्रकाश
2017 विजयपाल आढ़ती
गढ़ विधानसभा सीट की स्थिति -
वर्ष विधायक
1991 कृष्णवीर
1993 कृष्णवीर
1996 राम नरेश रावत
2017 कमल सिंह मलिक