हापुड़ में शीतलहर से बढ़ी गलन, अधिकतम तापमान 2 डिग्री गिरा
हापुड़। मौसम का मिजाज राहत देने को तैयार नहीं है। पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी मैदानी क्षेत्र वालों पर भारी पड़ रही है। शीतलहर लोगों को परेशान कर रही है। लोग घरों में कैद रहने पर मजबूर हो रहे हैं। रविवार को भी सर्दी का सितम बरकरार रहा। ऐसे में लोगों ने छुट्टी के दिन देर तक बिस्तर में रहकर गुजारा। तीन दिन बाद सूर्यदेव ने दर्शन तो दिए लेकिन, शीतलहर के चलते धूप राहत नहीं दिला सकी।
पिछले चार दिनों से लोग कड़ाके की ठंड झेल रहे हैं। पिछले तीन दिनों तक सूर्यदेव के दर्शन नहीं हो सके तो ठंड का असर अधिक महसूस हो रहा है। रविवार को 12 बजे के बाद धूप तो खिली। लेकिन, ठंडी हवाओं ने इसे बेअसर कर दिया। पूरा दिन ही ऐसा ही रहा। दिनभर आसमान में बादल और धुंध छाई रही। जिले का रविवार को न्यूनतम तापमान सात डिग्री रहा। लेकिन, अधिकतम तापमान में दो डिग्री सेल्सियस की कमी आई और 15 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
अस्पताल में बढ़े मरीज
बढ़ी सर्दी के कारण अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ रही है। अस्पतालों की ओपीडी में अधिकांश मरीज सर्दी के सताए ही पहुंच रहे हैं। गले में इंफेक्शन, खांसी, जुकाम, नजला और बुखार के सबसे अधिक मरीज हैं। फिजीशियन डॉ. हरिओम सिंह का कहना है कि ऐसी सर्दी में बच्चों और बुजुर्गों को बचकर रहने की अधिक आवश्यकता है।
अलाव के सहारे ठंड को किया दूर
ठंड से बचाव के लिए लोगों ने रविवार को भी अलाव का सहारा लिया। घर में लोगों ने रूम हीटर और ब्लोअर का सहारा लिया। इसके अलावा लोग घरों में छिपे रहे। थोड़ी देर धूप निकली तो लोग छतों पर पहुंच गए। लेकिन, ठंडी हवाओं ने लोगों को परेशान किया।
174 तक पहुंचा एक्यूआई
सर्दी बढ़ने के साथ-साथ एक्यूआई का स्तर भी बढ़ रहा है। हवा की गुणवत्ता का सूचकांक रविवार को 174 दर्ज किया गया। जबकि पीएम 2.5 का सूचकांक अधिकतम 323 और न्यूनतम 107 दर्ज किया गया। इसके अलावा पीएम-10 अधिकतम 199 और न्यूनतम 124 रहा।