बूस्टर डोज से बनाई दूरी, पांच दिन में सिर्फ 1578 को लगा टीका
हापुड़। कोरोना महामारी का सीधा सामना करने वाले हेल्थ, फ्रंटलाइन वर्कर ही बूस्टर डोज से दूरी बना रहे हैं।गंभीर बीमारियों से ग्रस्त वरिष्ठ नागरिक भी इसमें खास रुचि नहीं दिखा रहे। यही कारण है कि पांच दिन में सिर्फ 1578 लोगों ने ही तीसरा डोज लिया है, जबकि स्वास्थ्य विभाग ने अलग से बूथ की व्यवस्था की है। इस चरण में शामिल अधिकांश लोगों को दूसरा डोज लिए भी 9 महीने से अधिक का समय हो गया है।
16 जनवरी 2016 से जिले में टीकाकरण शुरू हुआ था। पहले चरण में हेल्थलाइन वर्कर्स को शामिल किया गया था, क्योंकि यही लोग सीधे संक्रमित मरीजों के संपर्क में आते हैं। इसके बाद फ्रंटलाइन वर्कर्स का टीकाकरण शुरू किया गया था। साथ ही 60 साल से गंभीर बीमारियं से ग्रस्त वरिष्ठ नागरिकों को भी टीके लगवाए गए।
स्वास्थ्य कर्मियों को फरवरी से मार्च तक दूसरा डोज लग गया था, जबकि बुजुर्गों के टीकाकरण को भी करीब 9 महीने हो चुके हैं। इन लोगों में एंटीबॉडी की कमी को लेकर शासन ने बूस्टर डोज का निर्णय लिया है। 10 जनवरी से इस चरण का टीकाकरण शुरू हुआ। लेकिन हेल्थ, फ्रंटलाइन वर्कर और बुजुर्ग इस अभियान से दूरी बना रहे हैं।
60 साल से कम आयु वालों को भी लग रही बूस्टर डोज
60 साल से कम उम्र के हेल्थलाइन वर्कर्स के लिए भी बूस्टर डोज की सुविधा शुरू की गई है। लेकिन उन्हें दूसरा डोज लिए 9 महीने का समय पूरा होना चाहिए, साथ ही उन्हें विभागीय रोजगार प्रमाण पत्र भी प्रस्तुत करना होगा।
बूस्टर डोज का लक्ष्य
फ्रंटलाइन वर्कर ---5922
हेल्थलाइन वर्कर ---8108
बुजुर्ग ----------27967
पांच दिन में लगी डोज की स्थिति
तिथि डोज
14 जनवरी 307
13 जनवरी 348
12 जनवरी 347
11 जनवरी 323
10 जनवरी 253
बूस्टर डोज के लिए लगा कैंप
बूस्टर डोज के लिए लगातार कैंप लगाए जा रहे हैं, इस चरण में आने वाले लोग जल्द से जल्द तीसरा टीका लगवा लें। ताकि कोरोना संक्रमण से उन्हें परेशानी न हो।--डॉ संजीव कुमार, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी।