मास्टर प्लान 2031 - प्राधिकरण का बढ़ेगा दायरा, 7500 हेक्टेयर का नया क्षेत्र होगा शामिल
हापुड़। हापुड़ पिलखुवा विकास प्राधिकरण की तरफ से अगले दस वर्षों के लिए तैयार कराए जा रहे मास्टर प्लान 2031 को अंतिम रुप दिया जा रहा है। इस बार मास्टर प्लान में 21 गांव भी शामिल किए गए हैं वहीं 7500 हेक्टेयर के नए क्षेत्र को भी शामिल किया गया है। मास्टर प्लान में शामिल होने के बाद इन इलाकों के भी आवासीय एवं गौर आवासीय रकबे अलग-अलग चिन्हित किए जाएं। 14 दिसंबर को बोर्ड बैठक में ये प्रस्ताव रखा जाएगा। इसके बाद आपत्तियों का निस्तारण होगा।
मास्टर प्लॉन 2031 के प्रथम फेस में हापुड़, पिलखुवा और बाबूगढ़ को विकसित किए जाने का प्लान है। शासकीय समिति के सुझावों के बाद कुल दस लाख की आबादी को इसमें शामिल किया जाएगा। जबकि क्षेत्र का दायरा भी बढ़ा दिया गया है। 7500 हेक्टेयर के नए क्षेत्र को शामिल किया जाएगा। आसपास क्षेत्र के 21 गांवों को प्राधिकरण की सीमा में शामिल करने की योजना है। शासकीय समिति के सुझावों के साथ दिल्ली की कंपनी डीडीएफ कंसलटेंट ने ड्राफ्ट प्राधिकरण को सौंप दिया है। आठ महीने कोरोना के कारण कार्य प्रभावित रहने से मास्टर प्लान में देरी हुई है।
प्लान में हापुड़ के अलावा पिलखुवा और बाबूगढ़ के विकास पर ध्यान दिया गया है। हापुड़ और पिलखुवा में चल रही प्राधिकरण की दूसरी ट्रांसपोर्ट योजनाओं के साथ मास्टर प्लॉन का समन्वय किया जाएगा। इन स्थानों पर औद्योगिक इकाइयों को बढ़ावे की गतिविधियों को जगह दी जाएगी। इसके अलावा बेसिक मैप में राष्ट्रीय राज्यीय राजमार्ग की आंतरित सड़कें, आवासीय, व्यवसायिक अस्पताल, स्कूल, पानी व सीवर लाइन को शामिल किया जाएगा।
मेरठ में होगी बोर्ड बैठक
मास्टर प्लान को मेरठ में 14 दिसंबर को होने वाली हापुड़ पिलखुवा विकास प्राधिकरण की बोर्ड बैठक में कमिश्नर की मौजूदगी में रखा जाएगा। बोर्ड में इसे पास करने के बाद लोगों से एक माह के अंदर आपत्तियां मांगी जाएंगी। आपत्तियां मिलने और उनके निस्तारण के बाद प्लान को लागू किया जाएगा।
जीआईएस बेस है मास्टर प्लान-
मास्टर प्लान जीयो ग्राफिक (जीआईएस) बेस बनाया गया है। एचपीडीए के उपाध्यक्ष अर्चना वर्मा ने बताया कि केंद्र सरकार की एजेंसी से इसे तैयार किया गया है। बेसिक मैप में ही मास्टर प्लान के किस स्थान पर कौन सी योजना प्रस्तावित की गई है इसका विस्तार से उल्लेख किया गया है। मास्टर प्लान में हर संपत्तियों जैसे घर, दुकान व अन्य व्यवसायिक प्रतिष्ठानों को यूनिक आईडी मिलेगी। यह पूरी तरह डिजिटल प्लेटफार्म होगा।