जिला अस्पताल में पांच करोड़ से बनी आरटीपीसीआर लैब
हापुड़। कोरोना की जांच के लिए जिला अस्पताल में पांच करोड़ की लागत से आरटीपीसीआर लैब बनकर तैयार हो गई है। आईसीएमआर से कोड के लिए आवेदन भी किया जा चुका है। बृहस्पतिवार को लैब का शुभारंभ होगा। प्रतिदिन 200-300 लोगों की जांच आसानी से की जा सकेगी वहीं एक बार में 96 सैंपलों की रिपोर्ट मिल सकेगी।
जिले में कोरोना की रोजाना 1200 से 1500 जांच होती हैं, जो एंटीजन से की जाती हैं। इनमें संदिग्धों के सैंपल आरटीपीसीआर जांच के लिए भी भेजे जाते हैं। जिले में कोई सुविधा नहीं होने के कारण सैंपल मेरठ या गाजियाबाद भेजे जाते हैं। इस समस्या से अब राहत मिलने वाली है, जिला अस्पताल में करीब पांच करोड़ की लागत से आधुनिक आरटीपीसीआर लैब बनी है। आधुनिक मशीनों से लैस इस लैब में एक ही बार में 96 सैंपल की जांच हो सकेगी, जिसमें 5-6 घंटे का समय लगेगा। पूरे दिन में 200 से 300 सैंपल की रिपोर्ट तैयार होगी।
ड्राई रन में लैब ने किया बेहतर कार्य
लैब में लगी मशीनों का ड्राई रन हो चुका है, जिसमें सभी मशीनों ने बखूबी कार्य किया है। एक्सपर्ट ने लैब का जायजा लिया। जेडी स्वास्थ्य ने भी बीते दिनों लैब का निरीक्षण कर, इसकी बारीकियों को समझा था।
म्यूटेशन जांच के लिए सुरक्षित रखे जा सकेंगे सैंपल
लैब में सैंपल को सुरक्षित रखने की भी व्यवस्था की गई है। कोविड के म्यूटेशन की जांच को लेकर ऐसे सैंपल यहां रखे जाएंगे। जिन्हें समय समय पर पुणे जांच के लिए भेजा जा सकेगा।
सीबी नॉट मशीन से तेज है लैब में लगी मशीनों की गति-
सीबी नॉट मशीन पर एक बार में अधिकतम 20-22 सैंपल की ही जांच हो पाती है। लेकिन प्रयोगशाला में लगी आधुनिक मशीनों से एक साथ 96 सैंपल की जांच हो सकेगी।