फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

किशोरी से दुष्कर्म में दोषी को 20 साल का कारावास

विज्ञापन
विज्ञापन
किशोरी से दुष्कर्म में दोषी को 20 साल का कारावास
विज्ञापन

हापुड़। किशोरी का अपहरण कर दुष्कर्म के मामले में बुधवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/ विशेष न्यायाधीश पॉक्सो ने तीन आरोपियों को दोषी करार दिया है। एक दोषी को 20 वर्ष सश्रम कारावास व 47 हजार रुपये अर्थदंड जबकि दो दोषियों को पांच-पांच वर्ष का सश्रम कारावास व सात-सात हजार के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
विशेष लोक अभियोजक पॉक्सो हरेंद्र त्यागी ने बताया कि एक जून 2013 को थाना देहात क्षेत्र के एक मोहल्ला निवासी महिला ने तहरीर दी थी कि एक जून 2013 को उसकी 15 वर्षीय पुत्री सहेली से मिलने के लिए जा रही थी। इसके बाद से वह घर नहीं लौटी। तलाश के दौरान पता चला कि देहात क्षेत्र के मोहल्ला शिवनगर निवासी मंजू ने पुत्री का अपहरण कर लिया है। मंजू रुपयों के लालच में लड़कियां बेचने का काम करती है। पुलिस ने मंजू के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू की।
विज्ञापन
विज्ञापन

जांच में पता चला कि थाना बहादुरगढ़ क्षेत्र के गांव गंदू नंगला निवासी कैलाश उर्फ बिल्लू उसके साले बबली व मंजू ने किशोरी का अपहरण किया था। कैलाश ने किशोरी से दुष्कर्म किया था। पुलिस ने किशोरी को बरामद करने के बाद कैलाश व बबली का नाम मुकदमे में शामिल कर संबंधित धाराएं बढ़ाईं। जांच के बाद पुलिस ने न्यायालय में चार्जशीट दाखिल की थी। मुकदमे पर संज्ञान लेकर अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश पॉक्सो श्वेता दीक्षित ने सुनवाई शुरू की थी। बुधवार को न्यायाधीश ने कैलाश को धारा 363, 366, 376(3), पॉक्सो अधिनियम धारा 3/4(2) के तहत 20 वर्ष सश्रम कारावास व 47 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। जबकि मंजू व बबली को धारा 363 व 366 के तहत दोषी करार देते हुए पांच साल का कारावास व सात-सात हजार का अर्थदंड लगाया है। अर्थदंड की 80 प्रतिशत धनराशि किशोरी के माता-पिता को देनी होगी। इसके अलावा पीड़िता के पुर्नवास के लिए एक लाख रुपये की धनराशि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा देने के आदेश दिए हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें