क्लोन बना 250 खातों से 2.5 करोड़ निकालने वाले गिरफ्तार
हापुड़। क्लोन की मदद से अंगूठे का निशान तैयार कर लोगों के खातों से करीब ढाई करोड़ रुपये ठगने वाले गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। कोतवाली पुलिस व साइबर सेल ने ग्राहक सेवा केंद्र के माध्यम से ठगी को अंजाम देने वाले दो आरोपियों को 40 हजार की नकदी, लैपटाप, चार मोबाइल फोन, दो आधार कार्ड, दो पैन कार्ड, दो एटीएम कार्ड व एक ड्राइविंग लाइसेंस समेत दबोचा है। पूछताछ में पता चला कि गिरोह के सदस्य करीब 250 लोगों से 2.50 करोड की ठगी कर चुके हैं।
एसपी दीपक भूकर ने बताया कि कोतवाली क्षेत्र के देवलोक कॉलोनी निवासी दीपक बाबू का आईसीआईसीआई व एक्सिस बैंक में खाता है। एक अगस्त व दो अगस्त को साइबर ठगों ने पीड़ित के बैंक खातों से करीब 75 हजार रुपये निकाल लिए थे। इस मामले का पर्दाफाश करने के लिए कोतवाली प्रभारी निरीक्षक सोमवीर सिंह व साइबर सेल प्रभारी विनित मलिक के नेतृत्व में टीम का गठन किया था।
शनिवार रात पुलिस ने ठगी करने वाले दो आरोपियों को मेरठ रोड स्थित रोडवेज बस अड्डे के पास से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी जनपद गोरखपुर क्षेत्र के थाना तिवारीपुर क्षेत्र के घोसीपुर निवासी ग्यासुद्दीन व रहमतउल्ला उर्फ दादू हैं।
पूछताछ के दौरान पता चला कि गिरोह के सदस्य करीब 250 लोगों से 2.50 करोड की ठगी कर चुके हैं। फर्जी एकाउंट खुलवाने के लिए दोनों हापुुड़ आए थे।
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शातिर गिरोह का अलग-अलग था काम-
आरोपियों ने बताया कि गिरोह के सरगना बग्घा उर्फ बग्गा उर्फ फकरूद्दीन है। गिरोह के सभी सदस्यों का काम बंटा था। दोनों भोले-भाले लोगों को रुपये देकर उनका विभिन्न बैंकों में खाता खुलवा लेते थे। उनका एटीएम कार्ड, चेकबुक, नेट बैंकिंग आइडी, पासवर्ड एवं वीडियो केवाईसी कराकर सीएसपी बना लेते थे। बग्घा आधार कार्ड डाटा व फिंगर प्रिंट विभिन्न माध्यमों से प्राप्त कर फिंगर प्रिंट क्लोन बनवाकर ठगी को अंजाम देता था। ठगी की रकम इन बैंक खातों में डलवाकर निकाल ली जाती थी। आरोपियों ने फर्जी ग्राहक सेवा केंद्र खोला हुआ था। ग्राहक सेवा केंद्र की आईडी का इस्तेमाल कर ठगी कर रहे थे।
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ई रजिस्ट्रेशन एप से उठाते थे डाटा, संदेह के घेरे में रजिस्ट्री कार्यालय के भी कर्मचारी
जांच में पता चला है कि यह गैंग रजिस्ट्री कार्यालय के कुछ कर्मचारियों से सांठगांठ कर, ई-रजिस्ट्रेशन एप से लोगों का डाटा उठाते थे। इस एप से शातिर बदमाश लोगों के फिंगर प्रिंट, आधार कार्ड, पैन कार्ड, मोबाइल नंबर, खाते की डिटेल निकाल लेते थे। पुलिस इस बिंदू को लेकर भी गहनता से जांच कर रही है।