श्री चंडी मंदिर की गुल्लक में निकले 10.97 लाख रुपये
हापुड़। श्री चंडी मंदिर की शुक्रवार को तहसीलदार हापुड़ गजेंद्र सिंह की निगरानी में गुल्लक खोली गई। लगभग ढाई साल बाद खुली गुल्लक में 10.97 लाख रुपये निकले। जिन्हें प्रशासन ने मंदिर के बैंक खाते में जमा कराया। हालांकि अभी छह गुल्लक ही खोली जा सकीं, जबकि चार अभी और बाकी हैं। गुल्लक से निकली धनराशि की जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय के वित्त एवं लेखाधिकारी धीरज की देखरेख में गणना की गई।
मंदिर की समिति के दोनों पक्षों में दान की धनराशि के गबन के आरोप प्रत्यारोपों के चलते विवाद चल रहा है। समिति के दोनों ही पक्ष एक दूसरे पर गुल्लक से चंदा निकालने, दुकानों के किराए को हड़पने व असंवैधानिक रूप से वोट बनाने आदि के आरोप लगाते रहे हैं। दोनों पक्षों में विवाद होने की वजह से दो साल चार महीने से मंदिर को प्राप्त होने वाले चढ़ावे की गुल्लक को नहीं खोला जा सका था। इस विवाद को सुलझाने के लिए डीएम अनुज सिंह की अध्यक्षता में 31 जुलाई को दोनों पक्षों के साथ बैठक की गई थी। जिसमें 13 अगस्त को गुल्लक खोलने पर सहमति बनी थी।
डीएम के आदेश पर तहसीलदार हापुड़ गजेंद्र सिंह की निगरानी में दोनों पक्षों के सामने गुल्लक खोलने की प्रक्रिया शुरू की गई। दोपहर तक गुल्लक से 7 लाख 81 हजार का दान निकला। जिन्हें प्रशासन ने मंदिर के बैंक खाते में जमा कराया। जबकि शाम तक अन्य गुल्लकों से 3 लाख 16 हजार का चंदा निकला। जिन्हें भी प्रशासन ने बैंक खाते में जमा करा दिया। देर शाम तक गुल्लकों को खोले जाने की प्रक्रिया जारी थी। लेकिन अंतिम सूचना के अनुसार 10.97 लाख रुपये की गिनती की जा चुकी थी। जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय के वित्त एवं लेखाधिकारी धीरज कुमार के नेतृत्व में गिनती की गई। जबकि चार गुल्लक अभी खोली जानी बाकी थी। जिन्हें देर रात तक खोला जाएगा।
इस दौरान संग्रह अमीन व मंदिर समिति के भागीरथ, जगदीश प्रसाद, चेतन प्रकाश, अशोक गुप्ता,धमेंद्र शर्मा, महेंद्र शर्मा, अनिल गोयल, अनिल अग्रवाल, हरि किशन कली वाले, राजेन्द्र गर्ग, राजेंद्र अग्रवाल मौजूद रहे।
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देर शाम तक छह गुल्लक खोली गई है। जिनसे 10.87 लाख का चंदा प्राप्त हुआ हैं। पुलिस प्रशासन की देखरेख में प्राप्त धनराशि को बैंक खाते में जमा कराया जा रहा है। इसके अलावा मंदिर की दुकानों से प्राप्त होने वाले किराए को भी बैंक खातों में ही जमा कराया जाएगा। मंदिर का खर्च वहन करने के लिए केवल एक लाख की धनराशि बैंक से निकाली जा सकेगी। -गजेंद्र सिंह, तहसीलदार हापुड़।