नाले के लिए खोदी गांवों की सड़कें, लोगों ने किया हंगामा
हापुड़। धीरखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र के गंदे पानी को श्यामनगर स्थित छोइया नाले में डालने के लिए लाखों की लागत से बनाए जा रहे नाले के निर्माण में नगर पालिका और एचपीडीए द्वारा अनियमितता बरती जा रही है। विद्युत लाइन शिफ्टिंग, पेड़ हटाने के खर्च से बचने के लिए अधिकारियों ने कई गांवों के मुख्य रास्तों के बीच में ही खुदाई करवा दी। इससे गुस्साए जसरूपनगर के ग्राम प्रधान समेत स्थानीय लोगों ने हंगामा किया और काम रुकवा दिया।
नगर पालिका द्वारा धीरखेड़ा से दस्तोई रोड से श्यामनगर स्थित छोइया तक नाले का निर्माण कराया जा रहा है। मोदीनगर रोड पर पटवारी कोल्डस्टोर के पास से श्यामनगर स्थित नाले तक के लिए पहले ही खोदाई की जा चुकी है। इन दिनों जसरूपनगर की तरफ के क्षेत्र में निर्माण कार्य चल रहा है। मोदीनगर रोड पर क्रॉसिंग के पास नाले की ड्राइंग में ही फेरबदल कर दिया गया। क्योंकि यहां से विद्युत लाइन की शिफ्टिंग होती और पेड़ भी काटने पड़ते। इस खर्चे से बचने के लिए नाले की दिशा ही बदल डाली। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि जिस खेत की भूमि अधिग्रहित की गई थी, वहां नाला नहीं बनाया गया जबकि सड़क के बीच खुदाई कर दी गई।
जिससे गुस्साए लोगों ने शनिवार को जमकर हंगामा किया और निर्माण कार्य रुकवा दिया। साथ ही इस मामले में डीएम से शिकायत कर, जांच कराने की भी मांग उठाई। प्रदर्शन करने वालों में ग्राम प्रधान विरेंद्र सिंह, बबलू त्यागी, योगेंद्र कुमार, विदित, संजीव त्यागी, हरकेश, राजीव, नवीन, ब्रजमोहन, रामभूल सिंह आदि मौजूद रहे।
विद्युत निगम से बनवाया था एस्टीमेट
नाला निर्माण के लिए लाइन शिफ्टिंग को लेकर विद्युत निगम से एस्टीमेट काफी समय पहले बनवाया गया था। लेकिन इसका पैसा जमा नहीं किया गया। जिसके चलते विभाग से शिफ्टिंग की भी एनओसी नहीं मिली है।