फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पतंग उड़ा रहा किशोर छत से गिरा, मौत

विज्ञापन
मृतक हर्ष का फाइल फोटो - फोटो : HAPUR
विज्ञापन
पतंग उड़ा रहा किशोर छत से गिरा, मौत
विज्ञापन

हापुड़। कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला अर्जुन नगर में सोमवार शाम छत पर पतंग उड़ा रहा 13 वर्षीय किशोर तीन मंजिल से नीचे जा गिरा। परिजनों ने उसे अस्पताल में भर्ती कराया, जहां से मेरठ रेफर कर दिया और रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। पैतृक गांव बदनौली में मृतक का बुधवार सुबह गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार कर दिया गया। परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल था।
मूल रूप से मोदीनगर रोड स्थित गांव बदनौली निवासी सुशील शर्मा पत्नी और दो बच्चों के साथ नगर के मोहल्ला अर्जुननगर में किराये पर रहते हैं। सुशील शर्मा ठेकेदारी का काम करते हैं और फिलहाल काम के सिलसिले में प्रयागराज गए हुए थे। सोमवार शाम उनका 13 वर्षीय पुत्र हर्ष शर्मा छत पर दूसरे बच्चों के साथ पतंग उड़ा रहा था। इसी दौरान संतुलन बिगड़ने के कारण हर्ष तीसरी मंजिल से नीचे गिर पड़ा। परिजन उसे आनन-फानन में लेकर एक निजी अस्पताल में पहुंचे, लेकिन चिकित्सकों ने उसे मेरठ के लिए रेफर कर दिया। रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।
विज्ञापन

बुधवार सुबह पैतृक गांव बदनौली में गमगीन माहौल में किशोर का अंतिम संस्कार कर दिया गया। इस दौरान काफी संख्या में ग्रामीण मौके पर मौजूद रहे। परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल था। पुलिस ने मामले की जानकारी से इंकार किया है।
चहारदीवारी मात्र दो फुट की
जिस छत से बच्चा गिरा उसकी चारदीवारी मात्र दो दो फुट की थी और करीब छह बच्चे वहां पतंग उड़ा रहे थे। ऐसे में लापरवाही के कारण यह दर्दनाक हादसा हो गया।
विज्ञापन

बच्चों का रखें विशेष ध्यान
कोरोना संक्रमण के चलते स्कूल बंद चल रहे हैं। ऐसे में बच्चों का अधिकांश समय घर पर ही व्यतीत हो रहा है। कोरोना के चलते आउट डोर गेम प्रभावित चल रहे हैं। घरों से बाहर न निकल पाने से बच्चे पतंगबाजी से लेकर इन डोर गेम खेल रहे हैं। ऐसे में बच्चों का ध्यान रखना भी बेहद जरूरी है। पतंग वहीं उड़ाए जिस छत पर ऊंची बाउंड्रीवॉल हो या फिर खुले मैदान में पतंगबाजी करें। बरसात के मौसम में पतंग पॉवर लाइन या बड़े बिजली के खंभों के पास से न उड़ाए। मांझा गीला होने पर करंट लगने की भी संभावना रहती है। अगर संभव हो सके तो बच्चे माता-पिता या किसी बड़े की निगरानी में ही पतंगबाजी करें।
- डॉ. विकास सैनी, मनोचिकित्सक।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें