कचहरी में हंगामा होने के बाद दोनों महिलाओ को कोतवाली ले जाती पुलिस
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बच्ची की दावेदारी के लिए तीन घंटे हुआ हंगामा
हापुड़। बच्ची को गोद लेने के लिए शुक्रवार को पहले कचहरी और फिर कोतवाली में जमकर हंगामा हुआ। बच्ची को एक दंपती को देने के बाद उसकी मां वादे से मुकर गई। दंपती ने बच्ची के होने तक का पूरा खर्च उठाने और अपने यहां उसका नामकरण करने का आरोप लगाते हुए उस पर अपना हक जताया। लेकिन पुलिस ने बच्ची की मां की असहमति होने पर बच्ची को मां के साथ भेज दिया।
नोएडा निवासी दंपती की जान पहचान गाजियाबाद के यशोदा अस्पताल में कार्यरत नर्स से थी। शादी के कई वर्ष बाद भी बच्चा न होने पर उन्होंने नर्स से बच्चे को गोद लेने की इच्छा जताई। नर्स की मध्यस्थता के बाद हापुड़ के मोहल्ला अतरपुरा निवासी एक महिला अपने बच्चे को दंपती को देने के लिए राजी हो गई। दोनों में तय हुआ कि यदि लड़का होता है तो वह उसे खुद रखेगी और यदि लड़की होती है तो वह उसे गोद दे देगी। इसके बाद से महिला का सारा खर्च नोएडा के दंपती ने उठाना शुरू कर दिया। 17 जुलाई को दंपती के खर्चे पर ही महिला ने एक बच्ची को जन्म दिया। वादे के अनुसार महिला ने एक अगस्त को बच्ची को दंपती के सुपुर्द कर दिया और गोदनामे की लिखित कार्रवाई के लिए 28 अगस्त की तारीख निश्चित की गई।
बच्ची पाकर परिवार की खुशियों का ठिकाना नहीं था। इतना ही नहीं दंपती ने बच्ची का धूमधाम से नामकरण संस्कार भी कर दिया। शुक्रवार को दोनों पक्ष निर्धारित कार्यक्रम के तहत गोदनामे के लिए हापुड़ कचहरी पहुंच गए, लेकिन यहां बच्ची की मां अचानक बच्ची देने से मुकर गई। जिसके बाद दोनों पक्षों के लोगों द्वारा जमकर हंगामा हुआ। महिला का कहना था कि उसने दंपती से किसी प्रकार का वादा नहीं किया और न ही उन्होंने उसकी डिलीवरी में कोई खर्चा दिया है। काफी हंगामे के बाद मामला कोतवाली पहुंचा, यहां भी काफी देर तक हंगामा होता रहा। हालांकि पुलिस ने बच्ची को उसकी मां को सौंपकर उसके घर भेज दिया गया।
कोतवाली प्रभारी निरीक्षक सुबोध कुमार सक्सेना ने बताया कि बच्ची की मां उसे दंपती को सौंपने के लिए तैयार नहीं थी। बिना मां की मर्जी के उसके बच्चे को किसी को नहंी दिया जा सकता। ऐसे में दोनों पक्षों को समझाकर घर भेज दिया गया।