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खटारा वाहनों से स्कूली बच्चों की जान से खिलवाड़

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गढ़ में एक वेन में क्षमता से अधिक बैठे स्कूली बच्चे। - फोटो : GARH
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खटारा वाहनों में स्कूली बच्चों की जान से खिलवाड़
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गढ़मुक्तेश्वर। वाहनों की मियाद पूरी होने के बाद भी जिले में खटारा वाहन धड़ल्ले से दौड़ रहे है। स्कूली बच्चों को ऐसे ही वाहनों से ले जाया जा रहा है। ऐसे में बच्चों की सुरक्षा भगवान भरोसे है। स्कूल प्रबंधक समेत एआरटीओ द्वारा भी कार्रवाई नहीं की जा रही है।
गढ़ क्षेत्र के 80 प्रतिशत स्कूलों में ट्रांसपोर्ट की सुविधा नहीं है। लेकिन कई वाहनों के ठेकेदार खटारा वाहनों को स्कूलों में चला रहे हैं। गढ़ से गांव बिहूनी, बदरखा, सिंभावली, लुहारी, ब्रजघाट, नानपुर, बहादुरगढ़ समेत आसपास के गांवों में ऐसे वाहन धड़ल्ले से दौड़ते दिख जाएंगे। ऐसा नहीं कि स्कूल संचालकों की इसकी जानकारी नहीं है । वहीं अभिभावक भी मजबूरी में ऐेसे वाहनों से बच्चों को स्कूल भेज रहे हैं। वहीं बच्चों को लाने ले जाने के लिए स्कूलों में ई-रिक्शा भी लगी हुई हैं। लेकिन यहां भी मानकों की अनदेखी की जा रही है।
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7 सीटर की वेन में सफर करते हैं 22 छात्र
नगर के एक स्कूल में 7 सीटर की वैन में वाहन चालक 22-22 छात्रों को बैठाकर स्कूल से लाने ले जाने का कार्य कर रहे हैं। इतना ही नहीं जिन वाहनों में बच्चे बैठकर जाते हैं, उनमें आग से बचाव के उपकरण भी मौजूद नहीं है। इसके अलावा वैन के ऊपर बैगों का ढेर लगा दिए जाते हैं, जिससे वैन पूरी तरह से ओवरलोड हो जाती है।
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जल्द करेंगे कार्रवाई
जिले में 10 साल से ऊपर के पेट्रोल और 15 साल के डीजल के वाहनों के संचालन पर पूरी तरह प्रतिबंध है। स्कूलों को भी सख्त हिदायत दी गई है। ट्रांसपोर्ट में केवल रजिस्टर्ड वाहनों को ही लगाया जा सकता है। इन वाहनों में भी नियमों का पालन करना होगा। जल्द ही अभियान चलाकर ऐसे वाहनों को सीज किया जाएगा।

गढ़ के एक स्कूल के बच्चे, वेन में क्षमता से अधिक संख्या में बैठे हुए।- फोटो : GARH

गढ़ में ई रिक्शा में सवार होकर जाते स्कूली बच्चे।- फोटो : GARH

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