फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

फाइनेंस कंपनी में निवेश कराकर 24.5 लाख हड़पे

विज्ञापन
विज्ञापन
फाइनेंस कंपनी में निवेश कराकर 24.5 लाख हड़पे
विज्ञापन

गढ़मुक्तेश्वर। फाइनेंस कंपनी में निवेश कराने के नाम पर पिता-पुत्र से कंपनी के एजेंटों ने साढ़े 24 लाख रुपये की रकम हड़प ली। वहीं, पीड़ित ने एजेंटों पर जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। बहादुरगढ़ थाने में सुनवाई न होने पर पीड़ित ने परिजनों व ग्रामीणों के साथ एसपी कार्यालय पर पहुंचकर प्रदर्शन करते हुए कार्रवाई की मांग की है।
बहादुरगढ़ थाना क्षेत्र के गांव ने कनामपुर नानई निवासी खेमचंद बृहस्पतिवार को सुधीर कुमार, खेमचंद, मुकेश कुमार, पूनम, पप्पू चौहान, ओमकार प्रजापति, रिंकू गौतम, मुन्नालाल, लोकेश, सत्तार, गंगाराम को साथ लेकर एसपी कार्यालय पहुंचा। जहां ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन करने के बाद एसपी को शिकायती पत्र दिया है। जिसने बताया कि वह पुलिस से सेवानिवृत्त हैं, गांव के ही रहने वाले दो व्यक्तियों ने तीन सितंबर 2017 को घर पहुंचे और बताया कि वह निफ्टेक ग्लोबल कंपनी में एजेंट के तौर पर काम करते हैं। कंपनी में निवेश करने पर चार प्रतिशत मासिक ब्याज मिलता है। आरोपियों के झांसे में आकर सुधीर ने एक लाख रुपये का निवेश कर दिया। शुरूआत में उन्हें चार प्रतिशत मासिक ब्याज मिला, जिससे उन्हें कंपनी संचालक व एजेंटों पर भरोसा हो गया। एक लाख की रकम व ब्याज सही समय पर वापस मिलने के बाद सुधीर ने 12 लाख रुपये निवेश कर दिए। वहीं उसने भी साढ़े 12 लाख रुपये का इवेंस्ट कर दिया। इसके साथ ही गांव समेत आसपास गांवों से सचिन, मनीषा, लोकेश, सीमा, मुन्ना समेत अन्य लोगों ने कंपनी में पैसा इंवेस्ट किया। जिसके बाद कंपनी संचालक लोगों की रकम लेकर फरार हो गए। वहीं दोनों एजेंट पहले उन्हें पैसा लौटाने का भरोसा दिलाते रहे, लेकिन अब जान से मारने व झूठे केस में फंसाने की धमकी दे रहे हैं। बहादुरगढ़ थाने में सुनवाई न होने के चलते उन्हें एसपी कार्यालय पहुंचना पड़ा।
विज्ञापन
विज्ञापन

एएसपी सर्वेश कुमार मिश्रा का कहना है कि उक्त लोगों के खिलाफ कई मुकदमे दर्ज हैं, जिनकी जांच की जा रही है। कंपनी संचालकों की संपत्ति की कुर्की हो चुकी है। खेमचंद समेत अन्य लोगों की शिकायत पर बहादुरगढ़ पुलिस को रिपोर्ट दर्ज कर जांच का निर्देश दिया गया है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें