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नयाबांस के जंगल में दो शावकों के साथ दिखा तेंदुआ

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सिंभावली के गांव नयाबांस के जंगल में तेंदुआ दिखने पर वन विभाग द्वारा लगाया गया पिंजरा। - फोटो : GARH
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नयाबांस के जंगल में दो शावकों के साथ दिखा तेंदुआ
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गढ़मुक्तेश्वर। सिंभावली क्षेत्र के गांव नयाबांस के जंगल में श्मशान घाट के पास ग्रामीणों को तेंदुओं का एक परिवार दिखाई दिया। एक व्यस्क और दो शावकों को देखकर लोगों में दहशत का माहौल बन गया। सैकड़ों लोग मौके पर पहुंच गए और वन विभाग को सूचना दी। वन क्षेत्राधिकारी राजेश कुमार और सिंभावली पुलिस भी मौके पर पहुंची और तेंदुओं की तलाश शुरू की। लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। वहीं ग्रामीणों ने वन विभाग की टीम पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया। इसके बाद वन विभाग ने तेंदुओं को पकड़ने के लिए श्मशानघाट के निकट पिंजरा लगाया गया है।
मंगलवार सुबह करीब साढ़े सात बजे सिंभावली क्षेत्र के गांव नयाबांस के किसान अपने खेतों में चारा लेने जा रहे थे। इसी दौरान बाहरी छोर पर स्थित श्मशानघाट परिसर की झाड़ियों में कुछ हलचल होने पर ग्रामीण अंदर गए। जहां उन्हें एक तेंदुआ और दो शावक दिखाई दिए। तेंदुओं को देखकर किसान घबरा गए। जिन्होंने तुरंत अन्य ग्रामीणों को इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही सैकड़ों ग्रामीण हाथों में लाठी-डंडे लेकर मौके पर पहुंच गए। जिन्होंने चारों तरफ से श्मशानघाट को घेर लिया और वन विभाग को सूचना दी।
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इंस्पेक्टर राजपाल सिंह तोमर और वन क्षेत्राधिकारी राजेश कुमार टीम लेकर मौके पर पहुंच गए। जहां वन विभाग और पुलिस टीम ने ग्रामीणों के साथ मिलकर श्मशानघाट का निरीक्षण करते हुए तेंदुओं की तलाश की। इसके अलावा रेंजर राजेश कुमार, वन दारोगा गौरव गर्ग, अनुज जोशी, वन रक्षक सोनू, भूपेंद्र सिंह की टीम जंगल में कांबिंग की लेकिन तेंदुए नहीं मिले। जेसीबी से हटवाईं झाड़ियां
रेंजर राजेश कुमार ने जेसीबी की मदद से श्मशानघाट और उसके आस-पास झाड़ियों को हटवाते हुए तेंदुओं की तलाश की, लेकिन घंटों तलाश करने के बाद भी कोई सुराग नहीं मिल सका।
ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन
ग्रामीण धर्मेंद्र , कमाल, लोकेश यादव, देवीलाल, देवेंद्र यादव, मदन, इदानवीर सिंह, रतन, इंद्र सिंह, मुनीश, नरेशचंद, रोहताश आदि ने वन विभाग के अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का कहना है कि जेसीबी की आवाज से श्मशानघाट में छिपे तेंदुए घने जंगल में भाग निकले, जो कभी भी किसी पर भी हमला कर घायल कर सकते हैं। यदि वन विभाग सतर्कता बरतता तो श्मशानघाट की बाउंड्री में ही तीनों तेंदुओं को पकड़ा जा सकता था।
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पिंजरा लगवाकर कांबिंग जारी
ग्रामीणों द्वारा लापरवाही का आरोप निराधार है। सुरक्षा के चलते झाड़ियों को हटवाने के लिए जेसीबी की मदद ली गई थी। तेंदुओं को पकड़ने के लिए पिंजरा लगा दिया गया है। जल्द ही पकड़ में आ जाएंगे।
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