जखैड़ा में 22 बीघा तालाब पर अवैध कब्जा
गढ़मुक्तेश्वर। तहसील क्षेत्र के एक गांव में तालाब की भूमि पर हो रहे अवैध कब्जे के चलते बारिश समेत आबादी का पानी भी सड़कों पर भरा रहता है। जिसकी शिकायत पर मौके पर पहुंचे तहसीलदार ने निरीक्षण कर अधीनस्थों को तालाब को कब्जा मुक्त कराने का निर्देश भी दिया।
गढ़ तहसील क्षेत्र के गांव जखैड़ा में बारिश होने के चलते तालाब के पास बने एक सरकारी अस्पताल में पानी भर गया था। इसके अलावा ग्रामीणों ने बताया कि सरकारी अस्पताल के अलावा आबादी का पानी भी सड़कों पर कई कई दिन तक भरा रहता है, जिसके चलते ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी झेलनी पड़ती है। वहीं, ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में बने 22 बीघा तालाब पर कई दबंगों ने अवैध रूप से कब्जा किया हुआ है। जिसके चलते पानी की निकासी की कोई व्यवस्था नहीं हो पा रही है। जिसकी शिकायत मिलने पर रविवार को तहसीलदार विवेक भदौरिया ने गांव जखैड़ा में पहुंचकर तालाब का निरीक्षण किया। जहां पर तालाब की जगह पर ही लोगों ने अवैध रूप से मकान बनाए हुए हैं, जिसके चलते आबादी के पानी की निकासी कोई व्यवस्था नहीं है। जिसको लेकर तहसीलदार ने अपनी टीम के साथ तालाब का सीमांकन किया और तालाब पर अवैध कब्जा करने वाले लोगों को नोटिस जारी करने का निर्देश दिया।
- अस्पताल में पानी भरने से प्रशासन की खुली पोल
गांव जखैड़ा में 22 बीघा तालाब पर लोगों ने धीरे-धीरे कब्जा जमा लिया है, इस बात का पता तहसील प्रशासन तक को नहीं लग पाया। बता दें कि सरकारी अस्पताल में बारिश का पानी भरने का सोशल मीडिया पर एक फोटो वायरल हुआ, जिसको देख प्रशासन हरकत में आया और जब सच्चाई खुलकर सामने आई। आखिर अवैध कब्जा करने वालों को किसकी सह मिली।
- क्या कहते हैं अधिकारी
जखैड़ा में करीब 22 बीघा का तालाब है। जिसका सीमांकन कराया जा रहा है, वहीं अस्थाई कब्जों को हटवा भी दिया है। इसके अलावा जो स्थाई रुप से कब्जा जमाए हुए हैं, उनको नोटिस जारी कर अवैध कब्जे से बेदखल किया जाएगा। -विवेक भदौरिया, तहसीलदार गढ़