हापुड़। जिले को 1475 एमटी डीएपी मिली है, हापुड़ रेलवे स्टेशन से बफर गोदाम और समितियों के गोदामों में डीएपी भिजवा दी गई है। सोमवार से किसानों को जोत के अनुसार उर्वरक मिलेंगे। समस्त समितियों और नकद केंद्रों पर पीओएस मशीन के जरिये ही वितरण होगा।
पिछले एक सप्ताह से बफर गोदाम और समितियों के गोदामों में डीएपी नहीं थी। इस कारण गेहूं बुवाई की तैयारियों में जुटे किसान परेशान थे। आलू बुवाई के लिए भी किसानों को पर्याप्त डीएपी नहीं मिली। किसानों की समस्या पर अधिकारियों ने लगातार पत्राचार किया।
रविवार रात में ही 1175 एमटी डीएपी हापुड़ स्टेशन पहुंच गई। इसके साथ ही 300 एमटी डीएपी दूसरे जिलों से हापुड़ के नकद बिक्री केंद्रों के लिए भी प्राप्त हुई। कुल मिलाकर 1475 एमटी डीएपी अब भंडार गृहों में है। हापुड़ के किसानों की प्रतिदिन की डिमांड करीब 100 एमटी डीएपी है, ऐसे में काफी हद तक किसानों को राहत मिल जाएगी। हालांकि हापुड़ के लिए 2200 एमटी डीएपी स्वीकृत हुई थी, किन्हीं कारणों से यह आधी ही रह गई।
सोमवार से जिले की 36 समिति और समस्त नकद केंद्रों से डीएपी का वितरण शुरू होगा। स्टेशन से डीएपी सीधे समितियों के गोदामों में भी भेजी जा रही है। कालाबाजारी पर नजर रखने के लिए अधिकारी पीओएस मशीनों का स्टाक से मिलान भी कर रहे हैं।
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-इस तरह उर्वरकों के प्रयोग की सलाह-
फसल नाइट्रोजन फास्फोरस पोटाश
आलू 200 80 120
गेहूं 120 60 40
सरसों 120 60 40
गन्ना 180 80 75
दलहन 20 50 20
(नोट:उर्वरकों की मात्रा किलोग्राम प्रति हेक्टेयर में है, जिला कृषि अधिकारी मनोज कुमार ने यह जानकारी दी।)
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-किसानों को जरूरत के अनुसार मिल सकेगी डीएपी-
जिले के किसानों को जरूरत के अनुसार डीएपी मिल सकेगी। 1475 एमटी डीएपी का स्टाक मिला है, समितियों के गोदामों में डीएपी भेज दी गई है।प्रेम शंकर, एआर कॉपरेटिव।
-कालाबाजारी नहीं होने दी जाएगी-
समितियों के साथ नकद केंद्रों पर भी डीएपी उपलब्ध है। कालाबाजारी नहीं होने दी जाएगी। समस्त विक्रेताओं को पूरा रिकॉर्ड रखना होगा, जिसकी नियमित जांच होगी।मनोज कुमार, जिला कृषि अधिकारी।
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