जल निगम आए दिन अपने कारनामों को लेकर चर्चा में रहता है। ताजा मामला सालेपुर कोटला गांव स्थित पूर्व माध्यमिक विद्यालय का है। यहां निगम कर्मियों ने एक खराब हैंडपंप को रीबोर करने की बजाय उखाड़ दिया।
ऐसे में स्कूल में बीते दो माह से पेयजल की कोई व्यवस्था नहीं है। बच्चे या तो गांव में आसपास से या घर से पीने का पानी ले आ रहे हैं। सालेपुर कोटला स्थित पूर्व माध्यमिक विद्यालय में बीते कई महीने से हैंडपंप खराब पड़ा हुआ था।
तीन महीने पूर्व विद्यालय के प्रधानाध्यापक सूर्य पाल सिंह ने खंड शिक्षा अधिकारी संजय कौशल को इस समस्या से अवगत कराया था। खंड शिक्षा अधिकारी ने डीपीआरओ को पत्र लिखकर हैंडपंप को रीबोर कराने की बात कही थी।
प्रधानाध्यापक सूर्यपाल सिंह ने बताया कि मार्च महीने में जल निगम के कर्मचारियों ने नल को उखाड़ तो दिया, लेकिन आज तक हैंडपंप को लगाया नहीं जा सका है।
ऐसे में भीषण गर्मी में बच्चों को पानी की एक-एक बूंद के लिए तरसना पड़ रहा है। पानी की किल्लत के चलते बच्चों को बाहर लगे हैंडपंपों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। ऐसे में उनका पठन पाठन प्रभावित हो रहा है।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी देवेंद्र गुप्ता ने कहा कि जल निगम के अफसरों से बातचीत कर जल्द स्कूल में हैंडपंप लगवाया जाएगा। बच्चों को किसी तरह की असुविधा नहीं होने दी जाएगी।