नोटबंदी के बाद कैशलेस योजना जनता को राहत तो दे रही है, लेकिन इस पर हैकर्स की भी नजर है। जिले में पेटीएम व एटीएम कार्ड से ऑनलाइन शॉपिंग कर रुपये ठगने के कई मामले सामने आ चुके हैं। थाने में शिकायत के बाद भी ठग पुलिस की पकड़ से दूर हैं।
नोटबंदी के बाद जिले के नगर व देहात के प्रमुख बाजारों में पेटीएम व क्रेडिट कार्ड से खरीदारी बढ़ गई है। ऐसे में ठग भी सक्रिय हो गए हैं। साथ ही लोगों को ठगी की घटना की जानकारी मोबाइल पर मैसेज आने के बाद पता चलता है। ऐसे में कोई त्वरित कार्रवाई भी संभव नहीं है।
योजना के शुरू होते ही जिले में ठगी के कई मामले प्रकाश में आ चुके हैं। पीड़ित बैंक जाकर घटना की जानकारी बैंक अधिकारियों व पुलिस को देते हैं। अधिकारियों द्वारा शिकायत को अनसुना करने के चलते ठगों के हौंसले बुलंद हो रहे हैं।
वहीं, ठगी का शिकार होने पर पीड़ित द्वारा थाने में शिकायत दर्ज कराई जाती है। शिकायत दर्ज कराने पहुंचने पर पुलिस पीड़ित से ही उल्टे सीधे सवाल जवाब करना शुरू कर देती है। उसके बाद कार्रवाई के नाम पर टरका दिया जाता है।
जिसके चलते ठग पुलिस की पहुंच से दूर रहकर खुलेआम चुनौती देकर घटना को अंजाम दे रहे हैं। पिछले एक महीने में जिले में दस से अधिक मामले प्रकाश में आ चुके हैं।
एसपी अलंकृता सिंह का कहना है कि कैशलेस योजना के प्रति सतर्कता जरुरी है। पीड़ित व्यक्ति थाने पहुंचकर या उनके कार्यालय आकर शिकायत कर सकता है। ठगों को पकड़ने के लिए सर्विलांस व स्वाट टीम को विशेष दिशा-निर्देश दिए हुए हैं।