बैंकों से पर्याप्त रुपया न मिलने के विरोध में गुड़ गल्ला व्यापारियों की हड़ताल से मंडी और क्रेशरों पर रखा करीब 50 लाख रुपये का गुड़ खराब हो गया। क्रेशरों पर लगी लेबर भी काम छोड़कर जाने लगी है।
इसके चलते आढ़तियों ने हड़ताल को वापस ले लिया है। मंगलवार से उत्तर प्रदेश की सबसे बड़ी गुड़ मंडियों में पहले ही तरह कारोबार होगा। गुड़ गल्ला व्यापार कमेटी के पदाधिकारी संजीव जैन ने बताया कि बैंकों में हालात नहीं सुधर रहे हैं।
पर्याप्त रुपया नहीं मिल पा रहा है। इसके चलते किसानों को गुड़ का भुगतान करने में परेशानी हो रही है। उन्होंने बताया कि हड़ताल के चलते मंडी और क्रेशरों पर रखा करीब 1000 क्विंटल गुड़ खराब हो गया है। इसकी कीमत करीब 50 लाख रुपये है।
हड़ताल के कारण क्रेशरों के बंद होने से वहां लगी लेबर भी काम छोड़कर चली गई है। ऐसे में कई क्रेशर बंद हो गए हैं। सरकार को लाखों के राजस्व का चूना लग गया है।
उन्होंने बताया इस समस्या को देखते हुए आढ़तियों ने हड़ताल को वापस ले लिया है। गुड़ मंडी को खोल दिया गया है, किसान अपना गुड़ पहले की तरह बेच सकते हैं।