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Hapur News: खतरे के निशान से पार पहुंची गंगा

Fri, 02 Aug 2024 10:07 PM IST
गाजियाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
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ब्रजघाट। गंगा के जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। इससे खादर क्षेत्र के ग्रामीणों को बाढ़ आने का डर सता रहा है। उत्तराखंड में बादल फटने और बारिश के कारण गंगा खतरे का निशान पार करते हुए समुद्र तल से 198.77 मीटर के निशान पर बह रही है। ब्रजघाट में गंगा का जलस्तर 199.33 मीटर पर बाढ़ की घोषणा कर दी जाती है।
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खादर क्षेत्र के एक दर्जन से अधिक गांवों के निचले जंगल और संपर्क रास्तों पर गंगा के उफान से पानी बढ़ता जा रहा है। जिससे ग्रामीणों को खेतों पर आना-जाना भी चुनौती बन रहा है। कई गांवों की आबादी से सटे निचले जंगल में पानी भरने से मक्खी, मच्छर और कीड़े-मकौड़ों का प्रकोप भी बढ़ता जा रहा है। जिससे आने वाले दिनों में संक्रामक बीमारी फैलने का खतरा भी मंडरा रहा है। भारतीय किसान संघ के जिलाध्यक्ष इंद्रजीत सोलंकी का कहना है कि पहाड़ों की बारिश से गंगा नदी में उफान बढ़ता जा रहा है। फसलों में नुकसान होने के साथ ही गांवों की आबादी से सटे निचले जंगल में जलभराव होने से अब संक्रामक बीमारियों के पांव पसारने का खतरा भी सिर पर मंडरा रहा है। शुक्रवार को छोड़े गए पानी के कारण शनिवार (आज) सुबह तक जलस्तर में बढ़ोतरी होने की संभावना है।

11 साल पहले आई थी बाढ़

17 जून 2013 को केदारनाथ में आई सुनामी के बाद गढ़-ब्रजघाट में गंगा के का जलस्तर 198.33 मीटर के निशान को पार कर दिया था। जिसके चलते क्षेत्र में बाढ़ आ गई थी। जिसने जून माह में बाढ़ आने का 139 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया था।
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इन गांवों में बाढ़ का खतरा

गंगा नदी में बाढ़ आने पर खादर क्षेत्र के करीब 24 गांवों का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो जाता है। मुख्य रूप से चक लठीरा, नयागांव इनायतपुर, अब्दुल्लापुर, कोथला खादर, रामपुर न्यामतपुर, आलमगीरपुर, मोहम्मदपुर शाकरपुर, लठीरा, कृष्णावली मंढैय़ा, नयाबांस, बख्तावरपुर सर्वाधिक प्रभावित होते हैं। इनमें रहने वाले हजारों परिवारों को अपने पशुओं, अनाज और भारी भरकम सामान को गांव में छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर शरण लेना मजबूरी हो जाती है।

कोट -

गंगा का जलस्तर पहाड़ों पर हो रही बारिश के कारण बढ़ रहा है। फिलहाल बाढ़ आने की कोई संभावना नहीं है। लेकिन, एहतियात के तौर पर ग्रामीणों को पूरी तरह सतर्क रहने के साथ ही जिस जंगल में पानी भरा हुआ है, वहां जाने से बचने की नसीहत भी दी जा रही है। - साक्षी शर्मा, एसडीएम
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