गढ़मुक्तेश्वर। गंगा के जलस्तर में मंगलवार को गिरावट दर्ज की गई, लेकिन हालात अभी भी बदतर बने हुए हैं। मंगलवार को गंगा का जलस्तर 199.31 मीटर से गिरकर 199.16 मीटर दर्ज किया गया। ऐसे में एक दिन में करीब 15 सेंटीमीटर की कमी दर्ज की गई। खादर के लठीरा, नयागांव, गढ़ावली, गंगानगर, सहित कई गांवों में बाढ़ का पानी अभी भी भरा हुआ है। वहीं, खेतों में फसलें जलमग्न हैं। प्रशासन की मदद के बाद भी लोगों की परेशानियां कम नहीं हो रही हैं।
केंद्रीय जल आयोग के गेज अधिकारी आबाद आलम ने बताया कि भले ही गंगा के जलस्तर में कमी हुई है, लेकिन बिजनौर बैराज से मंगलवार की दोपहर को एक लाख 61 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इससे अभी जलस्तर में एक बार फिर बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी। उन्होंने बताया कि पहाड़ों पर हुई बारिश से पानी बैराज में एकत्र हो गया है इसको छोड़ा जाना अति आवश्यक हैं।
बाढ़ के पानी में गुजर बसर कर रहे ग्रामीण
नयाबांस निवासी रवि, महेंद्र और सुमित का कहना है कि गांवों में बाढ़ का पानी भरा हुआ है। हालांकि पानी काफी कम हो गया, लेकिन दुश्वारियां कम नहीं हुई हैं। फसलें अभी भी जलमग्न हैं। चारे और सब्जियों की फसल बर्बाद हो चुकी है। बच्चों को ट्रैक्टर ट्रॉली में बैठाकर स्कूल छोड़ना और लाना पड़ रहा है।
बीमारियां फैलने का बढ़ा खतरा ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ का पानी खेतों के साथ साथ आबादी में भर गया है। ऐसे में पानी के रुक जाने के बाद उसमें बदबू आनी शुरू हो गई है। दिन तो जैसे तैसे कट जाता है, लेकिन रात को अधिक बदबू आने से सांस लेने में कठिनाई हो रही है। ऐसे में भयंकर बीमारी पनपने की आशंका व्यक्त की जा रही है।
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गांवों में स्वास्थ्य शिविर लगाकर दवाओं का वितरण किया जा रहा है। खाने के लिए किट और पशुओं के लिए चारा दिया जा रहा है। अलग अलग विभागों के अधिकारी निरंतर गांवों का निरीक्षण कर लोगों से वार्ता कर रहे है। ग्रामीणों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी। - श्रीराम सिंह एसडीएम