बहादुरगढ़ क्षेत्र के गांव शकराटीला में अवैध कब्जों में घिरी खादर की सरकारी ऊबड़-खाबड़ जमीन पर जल्द ही फसलें लहलहाएंगी। शासन की योजना के तहत इस भूमि को समतल और कृषि योग्य बनाकर भूमिहीनों को पट्टे दिए जाएंगे।
अधिकारियों ने गंगा किनारे के खादर क्षेत्र का दौरान कर इसकी रिपोर्ट तैयार कर ली है। तहसील दिवस के बाद डीएम एके ढींगरा और एसपी अलंकृता सिंह गंगा किनारे के गांव शकराटीला के खादर के जंगल में पहुंचे।
वहां अफसरों ने गंगा नदी के आसपास स्थित सरकारी ऊबड़ खाबड़ भूमि का निरीक्षण किया। इसी बीच झमाझम बारिश शुरु हो गई। इसके बावजूद अधिकारी छाता लगाकर भूमि की पड़ताल करते रहे।
डीएम ने बताया कि गांव शकराटीला में खादर में ग्राम समाज की काफी सरकारी भूमि स्थित है। रेतीले टीले होने से वह ऊबड़ खाबड़ है। कई लोगों ने इस पर अवैध कब्जा भी किया हुआ है।
इसको अविलंब हटवाकर ऊबड़ खाबड़ भूमि को समतल कराने के बाद कृषि योग्य बनाया जाएगा। उसमें भूमिहीन परिवारों को गुजर बसर के लिए खेती के पट्टे दिए जाएंगे। एसडीएम आरएन पांडेय, तहसीलदार भगत सिंह समेत राजस्व विभाग के कर्मचारी भी मौजूद रहे।
गांव संकरा टीला में 50 हेक्टेयर रकबा कटीली झाड़ियों से भरा पड़ा है। इसपर खेती तो दूर किसान जाने से भी कतराते हैं। ऐसे में 50 हेक्टेयर रकबा बीहड़ होने से बड़े पैमाने पर पैदावार प्रभावित हो रही है।
भूमि संरक्षण विभाग ने सर्वे कर इसका कलस्टर तैयार कर रिपोर्ट शासन को भेजी थी। किसानों के हित को ध्यान में रखकर शासन ने भूमि सेना योजना के अंतर्गत इस बीहड़ जमीन को उर्वरा बनाने का निर्णय लिया है।
इसकी योजना भी तैयार कर ली गई है। भूमि संरक्षण विभाग को बंजर हो चुकी जमीन को उर्वरा बनाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। भूमि संरक्षण अधिकारी राजित राम वर्मा ने डीएम, एसपी को इस भूमि में पोषक तत्वों की उपस्थिति व अन्य बारीकियों से अवगत कराया।
संकरा टीला गांव के सैकड़ों किसानों को इस बीहड़ जमीन से हमेशा डर ही सताता रहा है। अब वह दिन दूर नहीं जब इसपर फसलें लहलहाएंगी। किसानों से इस कार्य का रुपया नहीं लिया जायेगा। टीलों को समांतर कर जमीन को उर्वरा बनाया जायेगा।
भूमि संरक्षण अधिकारी राजित राम वर्मा ने बताया कि जल्द ही इस बीहड़ जमीन का जीर्णोद्धार कराया जायेगा। शासन से इस कार्य को कराने के निर्देश मिल चुके हैं। यहां का किसान अब खुशहाल हो जायेगा।